नजफ में उमड़ा जनसैलाब: अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, इराक में शोक का माहौल
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ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का पांचवां दिन बुधवार, 8 जुलाई को इराक के पवित्र शहर नजफ में प्रवेश कर गया। बीती रात ईरान से पहुंचे उनके अवशेषों को अंतिम सम्मान देने के लिए हजारों की संख्या में शोक संतप्त लोग सड़कों पर उतर आए।

इमाम अली (एएस) दरगाह पर विशेष प्रार्थना दोपहर के समय, दिवंगत नेता के ताबूतों को इमाम अली (एएस) मंदिर में ले जाया गया। यहाँ सैय्यद मुहम्मद तकी अल-हकीम ने अंतिम संस्कार की नमाज अदा कराई। इसके बाद, एक भव्य और औपचारिक जुलूस के रूप में अवशेषों को पवित्र मंदिर के चारों ओर घुमाया गया, जिसमें शीर्ष ईरानी और इराकी अधिकारी शामिल हुए।

कर्बला में हजरत अब्बास (एएस) दरगाह पर सम्मान नजफ के बाद, जुलूस कर्बला की ओर बढ़ गया। वहां हजरत अब्बास (एएस) की दरगाह पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। ताबूतों को पवित्र मंदिर के भीतर रखा गया, जहां बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने ईरान के दिवंगत नेता को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

नजफ की सड़कों पर शोक का जनसमूह नजफ में नजारा भावुक करने वाला था। सुबह होने से पहले ही शहर की सड़कें शोक मनाने वालों से भर गई थीं। लोग धार्मिक नारे लगाते हुए और शोकगीत गाते हुए काफिले के साथ चल रहे थे। कई लोगों ने ताबूत को अपने कंधों पर उठाकर एकजुटता का प्रदर्शन किया।

सुरक्षा और अवकाश इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार के लिए इराकी सरकार ने बुधवार को पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। नजफ में भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान और इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने व्यक्तिगत रूप से हवाई अड्डे पर अवशेषों की अगवानी की।

अगला चरण: मशहद की ओर यात्रा नजफ और कर्बला में औपचारिकताओं के बाद, यह काफिला गुरुवार, 9 जुलाई को ईरान वापस लौटेगा। अंतिम संस्कार का समापन ईरान के मशहद शहर में होगा, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को एक हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे, जिसके बाद से ही ईरान और इराक में शोक की लहर दौड़ गई है।

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