वैभव को चुनना जल्दबाजी, संजू को ड्रॉप करना बड़ी भूल : टीम इंडिया के चयन पर भड़के दिग्गजों के बोल
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भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टी20 सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। हाल ही में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम महज 76 रनों पर ढेर हो गई, जिससे सीरीज में भारत 0-2 से पीछे है। इस खराब प्रदर्शन के बीच टीम इंडिया के चयन पर अब सवाल उठने लगे हैं। पूर्व क्रिकेटरों कृष्णमाचारी श्रीकांत और रविचंद्रन अश्विन ने युवा वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

श्रीकांत बोले- ‘संजू को बलि का बकरा बनाया गया’

1983 वर्ल्ड कप विजेता कृष्णमाचारी श्रीकांत संजू सैमसन को टीम से बाहर करने के फैसले से खासे नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संजू को टीम में बनाए रखना चाहिए था क्योंकि वह एक मैच विनर खिलाड़ी हैं।

श्रीकांत ने कहा, जब संजू दो-तीन मैचों में फ्लॉप हुए, तो हर कोई उन्हें ड्रॉप करने की मांग कर रहा था और वैभव सूर्यवंशी को शामिल करने का शोर मचा रहा था। अब वैभव भी फ्लॉप साबित हो रहे हैं। संजू को हटाकर वैभव को जल्दबाजी में शामिल करना टीम इंडिया की बड़ी गलती साबित हुई है। वैभव स्पष्ट रूप से भारी दबाव में हैं।

अश्विन की नसीहत- बच्चे को सांस तो लेने दो

अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना महान खिलाड़ियों से किए जाने पर नाराजगी जताई है। कुछ लोग वैभव को जेनेटिक जिन्न या अगला युवराज सिंह कह रहे हैं, जिस पर अश्विन ने सख्त रुख अपनाया है।

अश्विन ने कहा, जोफ्रा आर्चर पर दो छक्के मारने भर से किसी को युवराज सिंह नहीं कहा जा सकता। ऐसी तुलनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए। वैभव के पास हुनर है, लेकिन उसे खुद को साबित करने के लिए समय चाहिए। 15 साल के बच्चे को जरूरत से ज्यादा हाइप देना उसके मानसिक स्वास्थ्य और करियर के लिए घातक हो सकता है। उसे बस वैभव सूर्यवंशी बने रहने दें।

क्या दबाव बन रहा है वैभव की विफलता का कारण?

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी जिस तरह की उम्मीदों के साथ मैदान पर उतरे हैं, वह उनके करियर के लिए भारी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव, लगातार तुलनाएं और अपनी जगह बचाने की जद्दोजहद शायद उनके बल्ले को शांत कर रही है।

अब देखना यह है कि 9 जुलाई को होने वाले चौथे टी20 मुकाबले में टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी वैभव को एक और मौका देता है या फिर अनुभव को प्राथमिकता देते हुए संजू सैमसन की वापसी कराई जाती है। सीरीज बचाने के लिए भारत को इस बार किसी भी हाल में जीत की दरकार है।

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