नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया पहल के 11 साल पूरे होने पर देश को बधाई दी है। 1 जुलाई 2015 को शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब भारत के विकास का आधार बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक अरब से अधिक लोगों द्वारा तकनीक को अपनाना बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण है।
बदलाव की बयार और नागरिकों का सशक्तीकरण प्रधानमंत्री ने X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में कहा कि डिजिटल इंडिया ने गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने एक वीडियो के जरिए यह दिखाया कि कैसे मोबाइल बैंकिंग से लेकर ऑनलाइन गवर्नेंस तक, डिजिटल टूल्स ने आम आदमी के जीवन को सुगम बनाया है। यह पहल अब विकसित और आत्मनिर्भर भारत की नींव बन चुकी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का दबदबा डिजिटल इंडिया की सफलता ने भारत को दुनिया भर में एक नई पहचान दी है। आज भारत ग्लोबल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट में सिरमौर है। वैश्विक ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी 49% है। वर्तमान में डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत की GDP में 12-14% का योगदान दे रही है, जिसके अगले एक दशक में 20% तक पहुंचने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवा और गवर्नेंस में डिजिटल क्रांति पिछले एक दशक में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ORS) के जरिए 1.37 करोड़ से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए गए हैं, जिससे अस्पतालों में लंबी लाइनों और कागजी कार्यवाही से मुक्ति मिली है। eHospital और eBloodBank जैसे प्लेटफॉर्म स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बना रहे हैं।
दुनिया अपना रही है इंडिया स्टैक भारत अब केवल तकनीकी उपभोक्ता नहीं, बल्कि प्रदाता बन गया है। फरवरी 2026 तक भारत ने 24 देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) साझा करने के लिए समझौता किया है। आज UAE, सिंगापुर, फ्रांस और श्रीलंका जैसे देशों में UPI का डंका बज रहा है। आधार, डिजिलॉकर और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म वैश्विक डिजिटल गवर्नेंस के लिए मिसाल बन गए हैं।
भविष्य की राह: विकसित भारत 2047 डिजिटल इंडिया के 9 स्तंभों—जैसे ब्रॉडबैंड हाईवे, ई-गवर्नेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग—ने एक एकीकृत ढांचा तैयार किया है। जैसे-जैसे देश विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है, डिजिटल इंडिया का यह सफर समावेशी विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित करने के लिए तैयार है।
डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता से भारतवर्ष को दुनियाभर में एक नई पहचान मिली है। इससे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की देशवासियों की संकल्पशक्ति का पता चलता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 1, 2026
विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवान्नरः।
सोऽध्वनः पारमाप्नोति तद्विष्णोः परमं… pic.twitter.com/VhIRgvl4Jo
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