वेनेज़ुएला भूकम्प: मलबे के नीचे दफ्न उम्मीदें, राहत कार्यों में जुटे हज़ारों बचावकर्मी
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वेनेज़ुएला में आए दोहरे विनाशकारी भूकम्प के पांच दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राजधानी कराकस के पास स्थित ला गुएरा और अन्य प्रभावित इलाकों में सोमवार को भी राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी रहा। हर बीतते घंटे के साथ मलबे में दबे अपनों को जीवित ढूंढने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं।

तबाही का मंजर और बढ़ती मौतें संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की निदेशक स्टेफ़नी होचेस्टेटर ने ला गुएरा से स्थिति की भयावहता बताते हुए कहा कि चारों ओर केवल तबाही का मंजर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,450 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 3,200 लोग घायल हैं। हालांकि, हजारों लोगों के लापता होने के कारण मृतकों का आंकड़ा काफी ज्यादा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

नंगे हाथों से अपनों को खोजने की जद्दोजहद ला गुएरा में मिरेया केसादा सोहो जैसे कई स्थानीय लोग मलबे के ढेर के सामने खड़े होकर अपने स्वजनों की बाट जोह रहे हैं। मिरेया ने बताया कि विनाश के शुरुआती घंटों में लोगों ने नंगे हाथों से मलबा हटाया ताकि अपनों को निकाला जा सके। उन्होंने भारी मन से कहा, हम जानते हैं कि वे अब शायद जीवित नहीं हैं, लेकिन हम बस उन्हें एक आखिरी बार देखना चाहते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मदद का समन्वय संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) इस समय 27 देशों के अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान का नेतृत्व कर रहा है। वर्तमान में 2,200 से अधिक बचावकर्मी और 140 खोजी कुत्ते मलबे के बीच फंसे लोगों की तलाश में दिन-रात काम कर रहे हैं। इसके अलावा भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता के लिए अस्थायी अस्पतालों की स्थापना की गई है।

खाद्य संकट और बच्चों पर मंडराता खतरा WFP के पास 10,000 परिवारों के लिए दो महीने का राशन मौजूद है, जिसे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की प्राथमिकता दी जा रही है। संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूनिसेफ के मुताबिक लगभग 18 लाख लोगों को मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है, जिनमें 6 लाख 80 हजार बच्चे शामिल हैं।

भविष्य पर अनिश्चितता के बादल उपग्रह विश्लेषण से पता चला है कि कैटिया ला मार जैसे इलाकों में 31 प्रतिशत से अधिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। चश्मदीदों के मुताबिक इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। UN की प्रवासन एजेंसी (IOM) ने चेतावनी दी है कि भूकम्प से लगभग 67 लाख 60 हजार लोग प्रभावित हो सकते हैं। आपदा राहत प्रमुख टॉम फ़्लैचर ने इसे अत्यंत व्यापक त्रासदी करार दिया है।

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