बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की हालिया चीन यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है। इस दौरे के बाद जब पत्रकारों ने सरकारी ब्रीफिंग में उनसे तीखे सवाल पूछे, तो बांग्लादेशी विदेश मंत्री खलीलुर रहमान का धैर्य जवाब दे गया।
चीन से क्या लेकर लौटे पीएम? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने सीधे सवाल दागा कि प्रधानमंत्री के चीन दौरे से देश के हाथ क्या लगा? क्या उन्हें चीन से कोई आर्थिक मदद या कैश मिला है? पत्रकारों का यह सवाल पाकिस्तान की उस स्थिति की ओर इशारा था, जहाँ वह अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए बार-बार अंतरराष्ट्रीय मदद और कर्ज मांगने को मजबूर है।
थोड़ा आत्मसम्मान रखें इन सवालों से खलीलुर रहमान बेहद नाराज दिखे। उन्होंने पत्रकारों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, कृपया थोड़ा आत्मसम्मान बनाए रखें। ऐसे सवाल न पूछें, हमें बहुत शर्मिंदगी होती है। हमारे प्रधानमंत्री वहां भीख का कटोरा लेकर नहीं गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दौरा दो देशों के बीच संबंधों की दिशा, दायरा और गहराई को तय करने के लिए था।
श्रीलंका जैसा डर और मंगला पोर्ट का मुद्दा बांग्लादेशी पत्रकारों के इस आक्रामक रुख के पीछे चीन की डेट ट्रैप (कर्ज का जाल) नीति का डर है। चीन ने जिस तरह श्रीलंका के हंबनटोटा पोर्ट को कर्ज के बदले कब्जे में लिया, उसे देखते हुए बांग्लादेश में भी चिंताएं हैं। तारिक रहमान के इस दौरे में मंगला पोर्ट के विकास का मुद्दा भी शामिल है, जिसे लेकर देश के भीतर सरकार की आलोचना हो रही है।
17 समझौतों का दावा विवादों के बीच विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि इस यात्रा के दौरान चीन के साथ 17 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें मंगला पोर्ट का विकास, अनवारा आर्थिक क्षेत्र, तीस्ता नदी मास्टर प्लान और मानव संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
पाकिस्तान की छवि का खौफ बांग्लादेश के विदेश मंत्री की झुंझलाहट के पीछे पाकिस्तान की वैश्विक छवि का बड़ा हाथ है। पाकिस्तान अक्सर आर्थिक संकट के कारण सऊदी अरब, यूएई या चीन से फंड जुटाने के लिए भीख का कटोरा लेकर जाने के लिए कुख्यात है। बांग्लादेशी सरकार नहीं चाहती कि चीन के साथ उनके बढ़ते संबंधों को दुनिया उसी नजरिए से देखे, जिससे देश की साख पर आंच आए।
‘Please maintain a little self-respect… please do not ask such questions; we feel very embarrassed. He didn’t go there carrying a begging bowl. He went there 2 establish the direction of the relationship between 2 countries, its content, and its height, scope, and depth.’ pic.twitter.com/XZwWhbsSkQ
— Raheed Ejaz (@RaheedEjaz) June 28, 2026
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