महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक प्री-स्कूल (डेकेयर सेंटर) में 23 महीने के मासूम बच्चे के साथ बेरहमी हुई। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक साथी बच्चे ने उसे लगातार काटा और पीटा, जबकि कमरे में कोई भी केयरटेकर मौजूद नहीं था।
क्या है पूरा मामला? घटना 23 जून की है। एक वकील पिता ने सुबह करीब 10:30 बजे अपने बच्चे को डेकेयर में छोड़ा था। फुटेज में दिख रहा है कि केयरटेकर तीन बच्चों को एक कमरे में अकेला छोड़कर बाहर चली गई। इसके बाद, सफ़ेद शर्ट पहने एक बच्चे ने काली टी-शर्ट पहने मासूम को अपना निशाना बना लिया।
15 मिनट तक चलता रहा जुल्म सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच, करीब 15 मिनट तक यह बच्चा दूसरे को लगातार थप्पड़ मारता रहा, खरोंचता रहा और काटता रहा। मासूम दर्द से तड़पता और रोता रहा, लेकिन इस दौरान वहां कोई भी स्टाफ सदस्य उसे बचाने नहीं आया। एक तीसरा बच्चा भी वहां मौजूद था, जो डर के मारे सहमा हुआ था।
स्कूल की हैरान करने वाली लापरवाही स्कूल प्रशासन ने इस घटना को तीन घंटे तक छिपाए रखा। दोपहर 2 बजे जब माता-पिता बच्चे को लेने पहुंचे, तब उन्हें बताया गया कि साथी बच्चे ने उनके बेटे को काट लिया है। जब अभिभावकों ने बच्चे के कपड़े हटाकर देखे, तो उसके शरीर पर चोटों के निशान देख उनके होश उड़ गए। बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।
मुआवजे और धमकी का खेल पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल ने केस न करने के बदले 10 लाख रुपये और तीन साल की मुफ्त पढ़ाई का लालच दिया। साथ ही, शिकायत करने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्रवाई परिजनों की शिकायत पर डेकेयर के सीईओ, मैनेजर, प्रिंसिपल और केयरटेकर समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर लापरवाही के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
यह घटना डेकेयर सेंटरों में बच्चों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। क्या हम अपने बच्चों को सुरक्षित हाथों में छोड़ रहे हैं?
FirstCry Intellitots Preschool, Maharashtra: A toddler brutally assaulted another for ~10 mins with ZERO caretaker present.
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) June 26, 2026
Shocking negligence! How can parents trust schools that put money over child safety? https://t.co/n39gz9fQUT
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