अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए फैसला किया है कि संस्था का कोई भी वकील इस मामले में नामजद आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा।
फैजाबाद बार एसोसिएशन का सख्त फैसला एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। वकीलों के इस फैसले से आरोपियों के लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। राम मंदिर जैसे पवित्र स्थल से जुड़े इस अपराध को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
कौन हैं आठों आरोपी? पुलिस की एसआईटी (SIT) ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव (टिन्नू) को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। अन्य आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा (मुख्य मास्टरमाइंड), लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश पांडे, रिटायर्ड बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव, मनीष यादव और अविनाश शुक्ला शामिल हैं।
लग्जरी लाइफस्टाइल बनी मुसीबत एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों की जीवनशैली में हाल के कुछ महीनों में चौंकाने वाला बदलाव आया था। जो परिवार पहले आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, वे अचानक आलीशान फार्महाउस, महंगी गाड़ियों और भारी नकदी के मालिक बन गए।
छापेमारी और रिकवरी जारी आरोपियों के घरों और अन्य संभावित ठिकानों पर एसआईटी की लगातार छापेमारी चल रही है। दबिश के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है। पुलिस अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि चोरी की यह रकम कितनी बड़ी थी और इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल, सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। वकीलों के इस बहिष्कार के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आरोपी अपना बचाव कैसे करते हैं।
*Ayodhya, Uttar Pradesh: A meeting of lawyers is underway under Faizabad Bar Association President Kalika Prasad, where a major decision may be taken regarding not representing the accused in cases pic.twitter.com/vpeVd5OHg6
— IANS (@ians_india) June 29, 2026
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