उद्धव गुट का अल्टीमेटम : बागी सांसदों पर लटकी अयोग्यता की तलवार
News Image

महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) एक बार फिर बड़े संकट में घिर गई है। पार्टी ने व्हिप का उल्लंघन कर बैठक से नदारद रहने वाले अपने 6 सांसदों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है। इन सांसदों को 24 घंटे के भीतर अपने व्यवहार का स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।

नोटिस में क्या है चेतावनी? लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई द्वारा जारी इस नोटिस में सख्त लहजे का इस्तेमाल किया गया है। सांसदों से स्पष्ट कहा गया है कि यदि वे 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद उन पर संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल कानून) के तहत अयोग्यता की कार्रवाई की जाएगी।

पार्टी व्हिप की अनदेखी विवाद की जड़ 18 जून को दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक है। पार्टी ने 16 जून को ही ईमेल, वॉट्सऐप और आधिकारिक आवास पर व्हिप भेजकर सभी सांसदों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, 9 में से 6 सांसद इस बैठक से गायब रहे, जिसे पार्टी नेतृत्व ने पार्टी-विरोधी गतिविधि मानते हुए इसे गंभीरता से लिया है।

ऑपरेशन टाइगर से मची खलबली राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को ऑपरेशन टाइगर से जोड़कर देखा जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि UBT के सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की तैयारी में हैं। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे, जबकि नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे नदारद रहे।

संजय राउत का रुख और अयोग्यता की प्रक्रिया सांसदों की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, हमने कार्रवाई शुरू कर दी है। यदि लोकसभा अध्यक्ष कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हैं, तो इन बागी सांसदों को अयोग्य घोषित होना ही पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इन सांसदों को हर हाल में अयोग्य घोषित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

दावों का बाजार गर्म शिवसेना MLC चंद्रकांत रघुवंशी के एक दावे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रघुवंशी ने दावा किया है कि UBT के ये 6 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर कर चुके हैं और उनके खेमे में शामिल होने की प्रक्रिया में हैं। यदि ये 6 सांसद पाला बदलते हैं, तो लोकसभा में उद्धव गुट की ताकत सिमटकर मात्र 3 सांसदों की रह जाएगी, जो पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा। फिलहाल, पूरे मामले पर उद्धव खेमा डैमेज कंट्रोल की कोशिशों में जुटा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप: मेसी के रेड कार्ड विवाद पर मचा बवाल, अल्जीरिया ने फीफा से की शिकायत

Story 1

बांग्लादेश: ढाका की सड़कों पर गूंजे जय श्री राम के नारे, हिंदुओं ने सरकार को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

Story 1

पूजा चोपड़ा का खुलासा: पिता चाहते थे अबॉर्शन, मां ने दुनिया के खिलाफ जाकर मुझे जन्म दिया

Story 1

योग की वैश्विक गूंज: रूस से नेपाल तक PM मोदी के प्रयासों की सराहना, दुनिया ने माना भारत का लोहा

Story 1

TMC को बड़ा झटका: 440 करोड़ रुपये के बैंक खाते फ्रीज, अंदरूनी कलह से पार्टी संकट में

Story 1

अब ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है ITR-3 फॉर्म, जानें किसे और कैसे भरना है

Story 1

NEET री-एग्जाम से पहले NTA की बड़ी चूक: नागपुर के छात्र को थमाया अबू धाबी का सेंटर

Story 1

कतर का शाही तोहफा बना अमेरिका का नया एयरफोर्स वन , ट्रंप की यात्राएं होंगी अब और भी शानदार

Story 1

ईरान का नया डार्क गेम : इराक में तैयार किए गुप्त ड्रोन्स दस्ते, अमेरिका और खाड़ी देशों की बढ़ी चिंता

Story 1

मौलाना सज्जाद नोमानी का हिंदू अल्पसंख्यक वाला बयान: गरमाई सियासत, भाजपा विधायक ने दी कड़ी चुनौती