शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत अपने एक बयान को लेकर फिर सुर्खियों में हैं। बागी सांसदों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर उन्होंने सफाई देते हुए इसे मराठी संस्कृति और परिस्थितियों का हवाला देकर उचित ठहराया है।
राउत का तर्क: जैसे को तैसा अपने बयान पर सफाई देते हुए संजय राउत ने कहा, हम मराठी भाषा में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इसमें गलत क्या है? मुझे पता है कि कब और किस भाषा का इस्तेमाल करना है। व्यक्ति को वही भाषा समझ आती है जो वह खुद बोलता है। जो 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ दे, क्या आप उस पर फूलों की बारिश करेंगे? उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने संसद में इस भाषा का प्रयोग नहीं किया है।
पार्टी के भीतर दो राय राउत के इस कड़े तेवर पर शिवसेना (UBT) के ही सांसद अनिल देसाई ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि राउत एक भावनात्मक व्यक्ति हैं, जो 50 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हैं। यह भाषा किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं थी, बल्कि एक सामान्य आक्रोश का हिस्सा थी।
संजय निरुपम का तीखा हमला वहीं, शिवसेना नेता संजय निरुपम ने राउत की भाषा पर कड़ा प्रहार किया है। निरुपम ने कहा, जो व्यक्ति कभी अपने सांसदों का सम्मान करता था, आज उन्हें अपशब्द कह रहा है। यह पार्टी नेतृत्व के पतन को दर्शाता है। उनकी हिंदुत्व विरोधी नीति से कार्यकर्ता और विधायक नाराज हैं, और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए वे अब अपने ही लोगों का अपमान कर रहे हैं।
50 करोड़ के खेले का आरोप इससे पहले, संजय राउत ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मचाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के मौजूदा सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बागी सांसदों को रात तक 15-15 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई थी।
जनादेश से विश्वासघात का डर राउत ने चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने से पहले बागी सांसदों को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद मशाल चुनाव चिह्न पर चुनकर आए हैं, इसलिए किसी को भी जनादेश से विश्वासघात करने का अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि इस संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के 9 में से केवल 3 सांसद ही मौजूद थे, जिससे पार्टी के भीतर मची खींचतान और अटकलें और तेज हो गई हैं।
#WATCH | Delhi | On the abusive language used by him for rebel MPs, Shiv Sena UBT MP Sanjay Raut says, We use such words in Marathi language. What is wrong in it? I very well know which language to use and when. Only a language which a person understands must be used. I have not… pic.twitter.com/F1Bs86fMcR
— ANI (@ANI) June 17, 2026
टेस्ट डेब्यू से पहले किंग कोहली का खास मंत्र: लंदन में जॉर्डन कॉक्स के साथ दिखे विराट
G7 समिट: क्या बदल गए हैं भारत-अमेरिका के समीकरण? मोदी-ट्रंप की दूरी ने बढ़ाई चर्चा
आपा खो बैठे संजय राउत: बागी सांसदों को सरेआम दी गाली, वीडियो वायरल
ममता बनर्जी के गढ़ में अंडा कांड : टीएमसी नेताओं पर क्यों बरस रहा है जनता का गुस्सा?
नीट पेपर लीक से कोहराम: 9 छात्रों की आत्महत्या पर कांग्रेस का हमला, कहा- यह मर्डर है
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का तांडव: भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण रुकवाया
अमेरिका का बड़ा उलटफेर: इंडो-पैसिफिक से हटा इंडो , जारी किए गए नक्शे ने खड़ा किया नया विवाद
शुभमन गिल का विस्फोटक शतक: लखनऊ में तोड़ा गौतम गंभीर का बड़ा रिकॉर्ड
दिल्ली में ISI का बड़ा आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त: 5 और संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की थी साजिश
G-7 में मोदी का कड़ा रुख: ट्रंप की मौजूदगी में उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा