नीट पेपर लीक से कोहराम: 9 छात्रों की आत्महत्या पर कांग्रेस का हमला, कहा- यह मर्डर है
News Image

नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक और उसके बाद मचे बवाल के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। कांग्रेस ने दावा किया है कि परीक्षा को लेकर उपजे मानसिक दबाव और अनिश्चितता के कारण अब तक देश के 9 होनहार छात्रों ने अपनी जान गंवा दी है।

कांग्रेस की लिस्ट में 9 नाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस ने एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार का हत्यारा पेपर लीक अब तक 9 घरों के चिराग बुझा चुका है। कांग्रेस द्वारा जारी सूची में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

  1. प्रदीप मेघवाल (राजस्थान)
  2. अंशिका पांडे (दिल्ली)
  3. ऋतिक मिश्रा (उत्तर प्रदेश)
  4. सिद्धार्थ हेगड़े (गोवा)
  5. भाग्यश्री (कर्नाटक)
  6. आकांक्षा चतुर्वेदी (मध्य प्रदेश)
  7. उमेश माली (राजस्थान)
  8. रेणु मीणा (राजस्थान)
  9. रिया कुमारी थापा (उत्तराखंड)

कांग्रेस और राहुल गांधी का सरकार पर सीधा निशाना कांग्रेस ने इन मौतों को आत्महत्या नहीं, बल्कि मर्डर करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह अक्षम्य पाप है जिसे पीएम नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की सरकार ने अंजाम दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

वहीं, राहुल गांधी ने भी दुख जताते हुए कहा कि उमेश और रिया जैसे 22-23 साल के युवा, जिन्हें सपनों की उड़ान भरनी थी, वे इस भ्रष्ट व्यवस्था से हार गए। उन्होंने कहा कि वह कोटा जाकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे ताकि किसी और मां-बाप को अपना बच्चा न खोना पड़े।

परीक्षा की तैयारी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम नीट-यूजी री-एग्जाम अब 21 जून को आयोजित होने वाला है। पेपर लीक की घटनाओं से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवानों को तैनात किया गया है, और प्रश्न पत्रों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना की मदद ली जा रही है।

इसके अलावा, सरकार ने टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी रोक लगा दी है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। छात्रों को राहत देते हुए एनटीए ने उत्तर पुस्तिकाओं में रफ कार्य के लिए अधिक जगह और परीक्षा के दौरान 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का भी निर्णय लिया है।

बता दें कि इस साल करीब 23 लाख छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनकी मेहनत और भविष्य अब परीक्षा व्यवस्था की खामियों के बीच अधर में लटक गया है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

G7 समिट में फिर गूंजा मेलोडी का जादू: पीएम मोदी से मिलकर मेलोनी ने कहा- हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस

Story 1

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: रवि किशन का सपा पर पलटवार, बोले- पापियों को बख्शा नहीं जाएगा

Story 1

अरबाज खान की गाड़ी में जबरन घुसा अनजान युवक, सिक्योरिटी ने थप्पड़ मारकर किया बाहर

Story 1

IND A vs AFG A: भारत ने खड़ा किया चुनौतीपूर्ण लक्ष्य, फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जीत जरूरी

Story 1

12 साल से एक पल नहीं बैठे ये साधु, महादेव की भक्ति में पैरों की हालत देख कांप उठेगी रूह

Story 1

कोरिया में खौफनाक वारदात: रेत विवाद में कार में जिंदा जलाए गए भाजपा नेता और शिक्षक भाई

Story 1

क्रूड ऑयल में बड़ी गिरावट: होर्मुज जलडमरूमध्य से निकले ईरान के सुपर टैंकर, कीमतों में आई बड़ी राहत

Story 1

शराब पर बैन की जरूरत नहीं : कप्तान बनते ही जो रूट का चौंकाने वाला बयान

Story 1

गद्दारी की तो सड़क पर नहीं घूमने देगी जनता , बगावत की खबरों पर संजय राउत का तीखा प्रहार

Story 1

हैट्रिक और करियर बचाने का खेल: क्रिकेट में उम्र का फर्जीवाड़ा क्यों होता है और बोर्ड कैसे खोलता है पोल?