कोलकाता में 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रेड रोड पर होने वाले इस भव्य आयोजन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन ये इंतजाम अब विवादों में घिर गए हैं।
सड़कों की घेराबंदी पर सवाल कार्यक्रम के चलते प्रशासन ने रेड रोड समेत शहर की सात प्रमुख सड़कों को आधी रात से आयोजन खत्म होने तक बंद रखने का फैसला लिया है। मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने इसे दोहरा मापदंड करार दिया है। उनका तर्क है कि जब ईद की नमाज के लिए रेड रोड का उपयोग करने की बात आती है, तो प्रशासन यातायात बाधित होने का हवाला देकर उसे दूसरी जगह शिफ्ट करवा देता है, तो फिर योग दिवस के लिए नियम क्यों बदल दिए गए?
समान अधिकार का मुद्दा जलपाईगुड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद नईमुद्दीन गाजी ने कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15 का जिक्र करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि सड़क बंद होने से आम जनता को परेशानी होती है, तो यह नियम किसी एक धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए।
भाजपा का पलटवार विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और मंत्री दिलीप घोष ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम राष्ट्रीय महत्व का आयोजन है और सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा सकती।
जनहित बनाम भेदभाव दिलीप घोष ने तर्क दिया कि दशकों से रेड रोड का इस्तेमाल नमाज के लिए होता रहा है, जबकि आसपास कई मस्जिदें उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम ऐसी जगह होना जरूरी है जहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। उनके अनुसार, यह आयोजन जनहित में है और इसे किसी भी अन्य मैदान पर करने की स्थिति में भी सुरक्षा कारणों से आसपास का इलाका बंद करना ही पड़ता।
फिलहाल, इस मुद्दे ने एक बार फिर से सार्वजनिक स्थानों के उपयोग और सरकारी प्रोटोकॉल के पालन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहाँ प्रशासन सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय इसे कानून के दोहरे मापदंड के रूप में देख रहा है।
*#WATCH | Kolkata | On PM Modi s 21st June Yoga Day program, West Bengal Minister Dilip Ghosh says, Before this, for the last many years, Namaz used to be offered at Red Road, even though there are many mosques. Today, questions are being raised regarding this event when the PM… pic.twitter.com/GW69PWCmz0
— ANI (@ANI) June 16, 2026
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