राहुल गांधी का आर्थिक सुनामी वाला दावा, मोदी सरकार पर इमरजेंसी का आरोप; गरमाई सियासत
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक हालिया बयान ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आदिवासियों के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि देश एक भयंकर आर्थिक सुनामी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इस आर्थिक संकट के चलते पैदा होने वाले जन-दबाव से निपटने के लिए मोदी सरकार देश में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा कर सकती है।

संस्थाओं पर नियंत्रण खोने का आरोप राहुल गांधी ने अपने संबोधन में सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार का संस्थाओं पर नियंत्रण खत्म हो गया है और न्यायपालिका, खुफिया तंत्र व चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं विद्रोह की स्थिति में हैं। राहुल के मुताबिक, यह सरकार के बिखरते कंट्रोल का स्पष्ट संकेत है।

बीजेपी का करारा पलटवार राहुल के आरोपों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसे सरासर डर फैलाने वाली राजनीति करार दिया है। मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी को यह नहीं भूलना चाहिए कि इमरजेंसी का इतिहास कांग्रेस का है, न कि बीजेपी का। उन्होंने राहुल के दावों को आधारहीन बताते हुए कहा कि भारत आज किसी भी आर्थिक झटके को झेलने में पूरी तरह सक्षम है।

आर्थिक आंकड़ों से दी चुनौती अमित मालवीय ने राहुल गांधी के दावों को खारिज करने के लिए हालिया आर्थिक इंडिकेटर्स साझा किए। उन्होंने बताया कि मई 2026 में ई-वे बिल जेनरेशन में 12.9% की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर की PMI रीडिंग (क्रमशः 56.6 और 58.9) मजबूत बनी हुई है। साथ ही, विदेशी मुद्रा भंडार और रिकॉर्ड FDI इनफ्लो ($94.5 बिलियन) यह साबित करते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहद लचीली है।

सरकार ने गिनाए बचाव के उपाय बीजेपी ने तर्क दिया कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई शॉक एब्जॉर्बर तैयार किए हैं। मालवीय ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम जनता को राहत दी है। एमएसएमई (MSME) सेक्टर को 100% गारंटी कवरेज और एयरलाइंस व अन्य उद्योगों को वित्तीय मदद देकर नौकरियों और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखा गया है।

UPA के दौर की याद दिलाई पलटवार करते हुए बीजेपी ने कांग्रेस को उनके शासनकाल की याद दिलाई। मालवीय ने 2009 से 2014 के बीच के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस दौरान रुपये में 36% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और विदेशी मुद्रा भंडार में भी भारी कमी आई थी। बीजेपी ने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे अर्थव्यवस्था पर बात करने से पहले आंकड़ों की जमीनी हकीकत को समझें।

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