ट्रंप की गुगली : ईरान डील के लिए अरब देशों पर बनाया दबाव, क्या खुद अमेरिका ही फंस जाएगा?
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खाड़ी देशों में तनाव और ईरान के साथ अनिश्चित शांति के बीच डोनाल्ड ट्रंप के एक नए बयान ने पश्चिम एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने अब्राहम अकॉर्ड्स को लेकर एक ऐसी कड़ी शर्त रख दी है, जिसने खाड़ी के मुस्लिम देशों को सकते में डाल दिया है।

अब्राहम अकॉर्ड्स की शर्त और ट्रंप का तेवर व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान ट्रंप ने साफ कर दिया कि यदि सऊदी अरब, कतर, मिस्र, जॉर्डन, तुर्की और पाकिस्तान जैसे देश अब्राहम अकॉर्ड्स पर हस्ताक्षर नहीं करते और इजरायल को मान्यता नहीं देते, तो ईरान के साथ होने वाली किसी भी शांति डील पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा। ट्रंप ने यहां तक कहा कि इन देशों पर अमेरिका का एहसान है और अब उन्हें कर्ज चुकाना चाहिए।

अमेरिकी बेस: सुरक्षा या मुसीबत? ईरान-अमेरिका के बीच हालिया संघर्ष के दौरान खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर थे। कतर के अल उदैद बेस से लेकर सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान बेस तक, इन देशों के लिए अमेरिकी मौजूदगी एक सुरक्षा कवच के बजाय अब मुसीबत बनती जा रही है। ईरान के कड़े रुख के बाद स्थानीय विशेषज्ञ भी अब इन अड्डों को बंद करने की वकालत कर रहे हैं।

क्या ट्रंप का दांव उल्टा पड़ेगा? विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह दबाव उलटा पड़ सकता है। सऊदी अरब पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि फिलिस्तीनी राज्य के गठन के बिना इजरायल से संबंध सामान्य करना असंभव है। स्थानीय शासकों के लिए अपनी जनता की भावनाओं को दरकिनार कर इजरायल को मान्यता देना राजनीतिक आत्मघाती कदम हो सकता है।

कूटनीति या नेतन्याहू का प्रभाव? ट्रंप की इस भाषा पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। सऊदी राजनयिकों ने इसे अमेरिकी कूटनीति के बजाय नेतन्याहू की आवाज करार दिया है। आलोचकों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति पूरी दुनिया को इजरायल के हितों के लिए बंधक बना रहे हैं, जिससे अमेरिका खुद ही इस क्षेत्र में अलग-थलग पड़ सकता है।

युद्ध के मुहाने पर फिर पश्चिम एशिया? फिलहाल कतर में शांति वार्ता जारी है, लेकिन ट्रंप की इस गुगली ने बातचीत को पटरी से उतारने का खतरा पैदा कर दिया है। यदि वार्ता विफल होती है, तो ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव फिर से बढ़ सकता है। अगर ईरान इसे दबाव की राजनीति मानकर पीछे हटता है, तो पूरा क्षेत्र एक बार फिर बड़े युद्ध की आग में झुलस सकता है।

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