ई. जीन कैरोल पर कसा शिकंजा: ट्रंप पर रेप का आरोप लगाने वाली लेखिका अब खुद कानूनी मुसीबत में
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अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने मशहूर लेखिका और कॉलमनिस्ट ई. जीन कैरोल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू कर दी है। यह कदम अमेरिका में एक नई राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। कैरोल वही चर्चित नाम हैं जिन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर यौन उत्पीड़न और रेप का आरोप लगाकर उन्हें कानूनी रूप से कठघरे में खड़ा किया था।

क्या है कैरोल के खिलाफ जांच का आधार?

वर्ष 2022 में ट्रंप के खिलाफ चले सिविल मुकदमों के दौरान कैरोल ने अदालत में गवाही दी थी कि उन्हें अपनी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए बाहर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही है। हालांकि, बाद में उनके वकीलों ने खुलासा किया कि लिंक्डइन के सह-संस्थापक और अरबपति रीड हॉफमैन द्वारा संचालित एक गैर-लाभकारी संस्था ने उनकी कानूनी फीस और खर्चों का भुगतान किया था। अब DOJ इसी गवाही में झूठ बोलने के आरोपों की जांच कर रहा है।

बदले की राजनीति या कानून का पालन?

इस जांच के शुरू होते ही अमेरिका में सियासी पारा चढ़ गया है। ट्रंप के आलोचकों का आरोप है कि न्याय विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को डराने के लिए बदले की राजनीति (Revenge Politics) के तौर पर किया जा रहा है। वहीं, समर्थकों का तर्क है कि कानून के सामने हर कोई बराबर है और गवाही में झूठ बोलना एक गंभीर अपराध है।

कौन हैं ई. जीन कैरोल?

ट्रंप के खिलाफ लड़ाई से पहले ही कैरोल अमेरिकी पत्रकारिता का एक बड़ा नाम रही हैं। उन्होंने Elle मैगजीन के लिए 20 साल से ज्यादा समय तक अपना लोकप्रिय सलाह कॉलम Ask E. Jean लिखा। 80 और 90 के दशक में न्यूयॉर्क के मीडिया जगत में उनकी खासी पहचान थी। उन्हें 1987 में एमी अवार्ड के लिए भी नामांकित किया गया था।

ड्रेसिंग रूम का वह भयानक खुलासा

कैरोल ने 2019 में प्रकाशित अपनी किताब में खुलासा किया था कि 1996 में न्यूयॉर्क के एक स्टोर में ट्रंप ने उनके साथ जबरदस्ती की थी। उन्होंने आपबीती बताते हुए लिखा था कि ट्रंप ने उन्हें ड्रेसिंग रूम की दीवार से धक्का देकर दबाया, उनकी टाइट्स नीचे खींची और यौन उत्पीड़न किया। उस समय ट्रंप ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया था और दावा किया था कि वह कैरोल को जानते तक नहीं हैं।

दो मुकदमों में ट्रंप को दी थी मात

ई. जीन कैरोल ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ दो अलग-अलग सिविल मुकदमे लड़े और दोनों में उन्हें जीत हासिल हुई। इन फैसलों ने ट्रंप के लिए राजनीतिक और व्यक्तिगत मोर्चे पर बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी थीं। अब जबकि पासा पलटता दिख रहा है, यह मामला अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर से गर्मा गया है। आने वाले दिनों में यह जांच ट्रंप के समर्थकों और विरोधियों के बीच टकराव का नया केंद्र बनने वाली है।

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