भारतीय रेलवे ने पर्यावरण और तकनीक के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। बुधवार, 27 मई 2026 को रेलवे ने देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल-आधारित 10-कोच वाली ट्रेन के पायलट ऑपरेशन को मंजूरी दे दी है। हरियाणा का जींद-सोनीपत ट्रैक इस क्रांतिकारी सफर का गवाह बनेगा।
इस अत्याधुनिक ट्रेन के इंजन में 1,200 KW का हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है। यह ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदूषण मुक्त यात्रा को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत के नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
सवाल यह है कि बिना डीजल और बिजली की तारों (OHE) के ट्रेन कैसे चलेगी? इसका जवाब है ऑन-बोर्ड पावर प्लांट । हाइड्रोजन फ्यूल सेल में जब हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया होती है, तो भारी मात्रा में बिजली उत्पन्न होती है। इस प्रक्रिया में धुएं के बजाय केवल पानी की भाप (Water Vapor) उत्सर्जित होती है, जो इसे पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाती है।
हाइड्रोजन की ज्वलनशीलता को देखते हुए जींद में एक अत्याधुनिक रिफ्यूलिंग स्टेशन तैयार किया गया है, जिसे पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने प्रमाणित किया है। सुरक्षा के लिए यहाँ हाइड्रोजन लीक और फ्लेम डिटेक्टर लगाए गए हैं, जो किसी भी खतरे को भांपते ही पूरे सिस्टम को तुरंत लॉक कर देंगे।
चूंकि यह तकनीक भारत में नई है, इसलिए रेलवे ने जोखिम को शून्य रखने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए हैं। ट्रेन के हर फेरे के दौरान विशेष रूप से प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ मौजूद रहेगा। साथ ही, रिफ्यूलिंग सिस्टम की 24x7 लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी और हर ट्रिप के बाद सेंसर व उपकरणों की गहन सफाई की जाएगी।
जींद-सोनीपत रूट पर शुरू होने वाली यह ट्रेन देश में चल रही हाइड्रोजन क्रांति का हिस्सा है। इससे पहले दिल्ली मेट्रो ने सेंट्रल विस्टा में हाइड्रोजन शटल बस सेवा की शुरुआत की है। इन कदमों से साफ है कि भारत अब जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को खत्म कर स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
*India is entering the hydrogen rail era 🇮🇳🚆
— India First Post (@ifpost47) May 28, 2026
The Ministry of Railways has approved India’s first hydrogen-powered 10-coach DEMU train, set to run between Jind and Sonipat using zero-emission hydrogen fuel cells.
With Vande Bharat-inspired design, advanced technology and water… pic.twitter.com/XtNyFcrE4t
यूनिवर्स बॉस के मुरीद हुए वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में तोड़ा गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड
‘उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते..’, वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया में एंट्री के लिए अश्विन ने फूंका बिगुल
जलती छत अब होगी बर्फ जैसी ठंडी: अपनाएं ये जादुई सफेद घोल, बिना AC घर रहेगा कूल
रेलवे स्टेशन पर सोती युवती के साथ 70 साल के बुजुर्ग की घिनौनी हरकत, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल
ट्विशा शर्मा डेथ केस: हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द, गिरफ्तारी पर लटकी तलवार; वायरल हुआ सास का वीडियो
ट्विशा शर्मा केस: पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर CBI की दस्तक, गिरफ्तारी की उल्टी गिनती शुरू!
ना धुआं, ना डीजल: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफर हुआ शुरू, जानें क्या है इसकी खासियत
नीट पेपर लीक: राहुल गांधी ने निभाया वादा, मृतक छात्र के परिवार को सौंपा 11 लाख का चेक
97 पर टूटा सपना, मैदान पर ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी: अश्विन की भी भर आईं आंखें
CBSE का ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम: विवादों के बीच शिक्षा मंत्री ने दी सफाई, क्या सुधरेगा सिस्टम?