भारतीय सेना की जांबाज बेटी मेजर अभिलाषा बराक ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। मेजर अभिलाषा को 2025 यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाएगा।
29 मई को मिलेगा सम्मान मेजर अभिलाषा को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 29 मई को अंतरराष्ट्रीय यूएन पीसकीपर्स डे के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा की है।
क्या है मेजर अभिलाषा का योगदान? मेजर अभिलाषा वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) में तैनात हैं। वह यहां भारतीय बटालियन के साथ फीमेल एंगेजमेंट टीम (FET) की कमांडर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें यह सम्मान लेबनान में महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण और शांति सैनिकों को जेंडर सेंसिटाइजेशन (लिंग संवेदनशीलता) की ट्रेनिंग देने के उनके बेहतरीन प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।
कौन हैं मेजर अभिलाषा बराक? मेजर अभिलाषा की पहचान केवल एक शांति सैनिक की नहीं है, बल्कि वह एक इतिहासकार भी हैं। वह भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट बनने का गौरव प्राप्त कर चुकी हैं। उनकी यह उपलब्धि देश की सैन्य शक्ति और नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
भारत की ट्रिपल हैट्रिक मेजर अभिलाषा इस पुरस्कार को पाने वाली तीसरी भारतीय सैन्य अधिकारी हैं। इस सूची में उनसे पहले दो अन्य जांबाज महिला अधिकारी शामिल हैं:
क्या है यह पुरस्कार? संयुक्त राष्ट्र के सैन्य मामलों के कार्यालय द्वारा 2016 में शुरू किया गया मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड उन शांति सैनिकों को दिया जाता है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 (महिला, शांति और सुरक्षा) को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देते हैं।
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले अग्रणी देशों में शामिल है। वर्तमान में लेबनान में भारत के 642 शांति सैनिक भारत के गौरव को वैश्विक स्तर पर ऊंचा कर रहे हैं।
#IndiaAtUN
— India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) May 22, 2026
Proud to announce that Major Abhilasha Barak has been awarded the 2025 @UN Military Gender Advocate of the Year Award.
She is serving with the Indian Battalion as the Commander of the Female Engagement Team (FET) in #UNIFIL. Major Abhilasha is also first woman combat… pic.twitter.com/FcAW3OFZul
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