कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी में शामिल होने की मची होड़ पर पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बीजेपी में किसी भी नए सदस्य की एंट्री फिलहाल पूरी तरह बंद रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने दो-टूक कहा है कि पार्टी कोई धर्मशाला नहीं है जहां कोई भी कभी भी आ सके।
भ्रष्टाचारियों के लिए बंद दरवाजे सामिक भट्टाचार्य ने साफ किया कि जो लोग वर्षों से भ्रष्टाचार, उगाही और आतंक की राजनीति में लिप्त रहे हैं, उनके लिए बीजेपी में कोई जगह नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पदाधिकारी नियमों के विरुद्ध जाकर दूसरे दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सत्ता बदलते ही बदलता रंग बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पाला बदलने का पुराना ट्रेंड फिर देखने को मिला है। 2011 में जब वाम मोर्चा को हटाकर टीएमसी सत्ता में आई थी, तब ट्रेड यूनियनों और दफ्तरों का रंग लाल से हरा हो गया था। अब बीजेपी की जीत के बाद टीएमसी के कई कार्यकर्ता और पार्षद रातोंरात बीजेपी का झंडा थामने की कोशिश में हैं। बीजेपी इस तृणमूलीकरण को अपने संगठन में घुसने से रोकने के लिए कमर कस चुकी है।
पार्टी की नई गाइडलाइंस और अनुशासन बीजेपी ने अब साफ कर दिया है कि विपक्षी दलों के कार्यालयों या ट्रेड यूनियनों पर जबरन कब्जा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने एक अनुशासन समिति का गठन किया है जो नेताओं और कार्यकर्ताओं के आचरण पर नजर रखेगी। इसके अलावा, पोस्टरों और बैनरों के लिए भी प्रोटोकॉल तय कर दिए गए हैं, जिसके तहत अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीर को प्राथमिकता देनी होगी।
सुनील बंसल का मिशन 25 मई बीजेपी की जीत के रणनीतिकार सुनील बंसल ने राज्य इकाई को नया टास्क सौंपा है। बंसल ने निर्देश दिया है कि 25 मई तक सभी जिलों में 15 सदस्यीय कोर समितियों का गठन कर लिया जाए। उन्होंने जिला अध्यक्षों को ताकीद की है कि कोई भी निर्णय एकतरफा न लिया जाए। साथ ही, आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए प्रत्येक जिले में 100-100 मजबूत कार्यकर्ताओं को तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। बंसल ने स्पष्ट कर दिया है कि अब संगठनात्मक चूक के लिए कोई माफी नहीं दी जाएगी।
*“যারা বছরের পর বছর দুর্নীতি, তোলাবাজি ও সন্ত্রাসের রাজনীতি করেছে, তাদের জন্য বিজেপির দরজা কখনও খোলা হতে পারে না। বিজেপি আদর্শ, নীতি ও দেশের স্বার্থে কাজ করা কর্মীদের দল — এটি কোনও সুযোগসন্ধানী বা স্বার্থান্বেষীদের আশ্রয়স্থল নয়।” pic.twitter.com/XaZcBUJril
— Samik Bhattacharya (@SamikBJP) May 22, 2026
महंगाई का डबल डोज: 9 दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें क्या है नई कीमतें
IPL 2026: क्या फिर छिड़ी कोल्ड वॉर ? मैच के बाद कोहली ने ट्रेविस हेड से हाथ मिलाने से किया इनकार
राहत की खबर: टल गई SBI की दो दिवसीय हड़ताल, अब 25-26 मई को सामान्य रहेगा बैंकिंग कामकाज
हेनरिक क्लासेन का करिश्मा: T20 इतिहास में ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने
पुणे मेट्रो बनी वॉटर मेट्रो : सफर के दौरान कोच में घुसा बारिश का पानी, वायरल हुआ वीडियो
दिल्ली में घर बनाना हुआ सस्ता: पानी-सीवर चार्ज में 70% तक की भारी कटौती, बदल गए IFC नियम
अमरनाथ यात्रा से पहले ही बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
पीएम मोदी पर टिप्पणी मामले में फंसे अजय राय: 30 लोगों पर FIR, कांग्रेस नेता ने कहा- 100 केस भी दर्ज कर लो
# H1: विवादों में क्रुणाल पंड्या: काव्या मारन ने लगाया चक्किंग का बड़ा आरोप, क्या BCCI करेगा कार्रवाई?
भोपाल मर्डर मिस्ट्री: मॉडल ट्विशा की मौत के क्राइम सीन की पहली तस्वीर आई सामने, पति गिरफ्तार