दिल्ली में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंफ्रास्ट्रक्चर फंड चार्जेस (IFC) नियमों में आमूलचूल बदलाव की घोषणा की है। अब पानी और सीवर का शुल्क प्लॉट के आकार के बजाय पानी की वास्तविक जरूरत के आधार पर तय किया जाएगा।
16 लाख से घटकर 3 लाख हुआ खर्च पुराने नियमों के तहत बड़े प्लॉट साइज होने पर भारी-भरकम शुल्क देना पड़ता था, चाहे पानी की खपत कम ही क्यों न हो। सरकार के नए फैसले से मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में पहले 15-16 लाख रुपये का IFC शुल्क देना पड़ता था, अब वही काम महज 2 से 3 लाख रुपये में हो सकेगा।
कॉलोनियों की श्रेणी के हिसाब से मिली छूट नई नीति में दिल्ली की सभी कॉलोनियों को श्रेणियों में बांटकर विशेष राहत दी गई है:
इसके अलावा, यदि कोई 200 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर 50 वर्ग मीटर या उससे छोटा फ्लैट बनाता है, तो उसे 50% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। चैरिटेबल ट्रस्टों और सामाजिक संस्थाओं को भी 50% की राहत दी गई है।
पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का जोर आवास निर्माण को आसान बनाने के साथ ही सरकार ने जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया है। जो संस्थान जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) सिस्टम अपनाएंगे, उन्हें सीवर चार्ज में 50% की अतिरिक्त छूट मिलेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि निरीक्षण में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बंद पाया गया, तो छूट वापस ले ली जाएगी और प्रतिदिन 0.05% की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।
क्या पुराने मकानों पर भी लागू होगा चार्ज? सरकार ने स्पष्ट किया है कि IFC चार्ज केवल नए निर्माण या अतिरिक्त निर्माण पर ही लागू होंगे। यदि कोई व्यक्ति अपने पुराने घर का पुनर्निर्माण करता है और पानी की मांग में कोई वृद्धि नहीं होती, तो उसे कोई नया शुल्क नहीं देना होगा। साथ ही, खुले क्षेत्र और FAR के बाहर के हिस्सों को शुल्क गणना से बाहर रखा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम दिल्ली को जल प्रबंधन और किफायती आवास के मामले में एक वैश्विक मॉडल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस नई नीति से अनधिकृत कॉलोनियों और छोटे मकान मालिकों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
Today, the Delhi Government has approved a simplified and transparent Water & Sewer Infrastructure Charges policy. Charges will now be linked to actual water demand, replacing complex area-based calculations.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 22, 2026
✔ Up to 70% concession for E, F, G & H category colonies
✔… pic.twitter.com/KgUCo5VVAY
दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई: 48 करोड़ की ड्रग्स के साथ दो थाई नागरिक गिरफ्तार
NEET UG 2026: फीस रिफंड पोर्टल हुआ लाइव, जानें रिफंड पाने का पूरा प्रोसेस
कान्स 2026: मां ऐश्वर्या के साथ रेड कार्पेट पर उतरीं 14 साल की आराध्या, डेब्यू लुक ने लूटी महफिल
बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ा ऐलान: अब हर साल होगी 20 हजार पदों पर भर्ती
पंजाब में आवारा कुत्तों पर एक्शन के खिलाफ सोनू सूद, बोले- बेजुबानों की जान लेना समाधान नहीं
नई Tata Tiago का जलवा: प्रीमियम इंटीरियर और धांसू फीचर्स के साथ मचाएगी तहलका
संस्थागत मर्यादा की सीख कहां गई? केरल CM के सचिव की नियुक्ति पर BJP का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
मैदान पर स्लेजिंग, मैच के बाद नो हैंडशेक : विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच क्यों हुई तनातनी?
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा का खात्मा : जनाजे में खौफजदा दिखे आतंकी, AK-47 की फौज को मिली सुरक्षा
क्या अब IPL में होगी बिहार की एंट्री? अनिल अग्रवाल की मांग से छिड़ी नई बहस