उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय सेना के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय सेना के पूर्व मेजर जनरल भुवन चंद्र (बीसी) खंडूरी का आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे देश और विशेषकर उत्तराखंड में शोक की लहर है।
तीन दिन का राजकीय शोक राज्य सरकार ने उनके सम्मान में 19 मई से 21 मई तक तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा। राज्य के सभी सरकारी कार्यालय कल, 20 मई को बंद रहेंगे। उनका अंतिम संस्कार कल पूरे राजकीय और पुलिस सम्मान के साथ संपन्न किया जाएगा।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने ईमानदारी, सादगी और पारदर्शी राजनीति का उदाहरण पेश किया। जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव याद रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि खंडूरी का सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक का योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा, केंद्रीय मंत्री के रूप में सड़क और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उनके कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणादायक हैं।
सेना से राजनीति तक का सफर सेना में जनरल साहब के नाम से मशहूर बीसी खंडूरी का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा। 1991 में जब उन्हें पौड़ी गढ़वाल से टिकट मिला, तो शुरुआत में उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया था, क्योंकि उस सीट से उनके ममेरे भाई विजय बहुगुणा के चुनाव लड़ने की चर्चा थी। हालांकि, बाद में परिस्थितियों के चलते उन्होंने चुनाव लड़ा और राजनीति के शिखर तक पहुंचे।
विकास पुरुष के रूप में पहचान खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और 2007 से 2012 के बीच राज्य में विकास की एक नई इबारत लिखी। अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में उन्होंने देश को स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना दी। उन्होंने ही भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के जाल को आधुनिक स्वरूप देने का बड़ा काम किया था।
1 अक्टूबर 1934 को जन्मे बीसी खंडूरी ने 1991, 1998, 1999, 2004 और 2014 में पौड़ी गढ़वाल सीट का प्रतिनिधित्व किया। उनकी सादगी और अनुशासित कार्यशैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती थी। उनका जाना न केवल उत्तराखंड के लिए, बल्कि भारतीय राजनीति के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।
*The Uttarakhand government has declared a three-day period of state mourning from May 19 to 21, following the sudden demise of the state s former Chief Minister, Major General Bhuwan Chandra Khanduri.
— ANI (@ANI) May 19, 2026
The last rites of the former Chief Minister will be performed tomorrow, May… pic.twitter.com/qUT3rPCv7M
दिल्ली-NCR में दोहरी मार: झुलसाती गर्मी के बीच दम घोंटने लगी हवा, GRAP-1 लागू
सैन डिएगो की मस्जिद में खूनी खेल: दो टीनएजर्स ने की अंधाधुंध फायरिंग, 5 की मौत
सड़क जाम करना पड़ा भारी: युवक की बाइक को JCB ने पल भर में किया चकनाचूर
आधी रात को कब्र खोदकर पालतू कुत्ते को घर ले आए शाहरुख खान, भावुक कर देगा ये किस्सा
आवारा कुत्तों का आतंक: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, अब अधिकारी नहीं बहा पाएंगे बहाने
बस्तर से खत्म हुआ नक्सलवाद का काला अध्याय , गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज: शुभमन गिल संभालेंगे कमान, रोहित-विराट की वनडे में वापसी
बांद्रा ईस्ट में रेलवे का महा-अभियान : गरीब नवाज़ की 4 मंजिला अवैध इमारतों पर चला बुलडोजर
भारत का हीटवेव संकट: क्या हमारा देश अब आग की भट्टी बनता जा रहा है?
दिल्ली: पत्नी और सास ने मिलकर पति को जिंदा जलाया, अफेयर के शक पर खौफनाक वारदात