पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। CBI ने मामले के मुख्य संदिग्ध और शूटर राजकुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने हत्याकांड की परतों को खोलना शुरू कर दिया है।
क्या थी चंद्रनाथ रथ की हत्या की घटना? 6 मई 2026 की रात, मध्यामग्राम में चंद्रनाथ रथ अपनी कार से घर लौट रहे थे। तभी एक सिल्वर रंग की कार ने उनका रास्ता रोका और बाइक सवार हमलावरों ने पॉइंट ब्लैंक रेंज से उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मचारी और सुवेंदु के बेहद करीबी रथ की मौके पर ही मौत हो गई। हमला इतना सटीक था कि इसे महज 50 सेकंड में अंजाम दिया गया।
कौन है शूटर राजकुमार सिंह? बलिया जिले के रत्तोपुर गांव का रहने वाला राजकुमार सिंह CBI के हत्थे तब चढ़ा, जब वह हरिद्वार से अपने परिवार के साथ लौट रहा था। राजकुमार का आपराधिक इतिहास, 2022 में दर्ज SC/ST एक्ट के एक मामले से शुरू होता है। इसी दौरान बलिया जेल में उसकी मुलाकात कथित डॉन राज सिंह से हुई, जिसे इस हत्याकांड का एक मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।
पवन सिंह के साथ वायरल फोटो का क्या सच? गिरफ्तारी के बाद राजकुमार की भोजपुरी सुपरस्टार और BJP नेता पवन सिंह के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। हालांकि, राजकुमार के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह का कहना है कि किसी सेलिब्रिटी के साथ फोटो खिंचवाने का मतलब गहरा संबंध या दोस्ती नहीं होता। फिलहाल जांच एजेंसियां इसे सिर्फ एक फैन फोटो मान रही हैं, लेकिन इसकी तहकीकात की जा रही है।
राम मंदिर और पारिवारिक पृष्ठभूमि राजकुमार के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह एक इलेक्ट्रीशियन हैं और उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य में भी अपनी सेवाएं दी थीं। पिता इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि उनका बेटा किसी हत्याकांड में शामिल हो सकता है। फिलहाल परिवार सदमे में है और उनका कहना है कि राजकुमार ने उन्हें घर से निकलते वक्त अपनी मंशा नहीं बताई थी।
CBI के लिए बड़ी चुनौती: क्या है पूरी साजिश? CBI अब इस बात की जांच कर रही है कि बलिया के शूटरों का पश्चिम बंगाल तक का नेटवर्क कैसे तैयार हुआ? इस कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए फंडिंग कहां से हुई? रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मर्डर के लिए 70 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की सुपारी दिए जाने का संदेह है।
जांच का अगला कदम राजकुमार सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। CBI की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि क्या यह महज एक व्यक्तिगत रंजिश थी या चुनाव के बाद बंगाल में फैली राजनीतिक हिंसा का एक हिस्सा। फेक नंबर प्लेट, टोल प्लाजा पर किए गए UPI पेमेंट और डिजिटल फुटप्रिंट्स इस मामले में सबूतों की मुख्य कड़ी बने हुए हैं।
यह हत्या न केवल एक समर्पित कार्यकर्ता की जान लेने वाली घटना है, बल्कि यह अंतर-राज्यीय अपराध नेटवर्क के खतरनाक स्वरूप को भी उजागर करती है। हर किसी की नजर अब CBI की अगली रिपोर्ट पर है, जो इस राजनीतिक प्लॉट के मास्टरमाइंड को बेनकाब करेगी।
*#WATCH | Ballia, UP | Tribhuvan Narayan Singh, father of Rajkumar, arrested in connection with the murder case of West Bengal CM Suvendu Adhikari s PA, says, I cannot say anything regarding his involvement in this case; the CBI will find out the truth.... https://t.co/LA0plyhF41 pic.twitter.com/XWH1tsKO5N
— ANI (@ANI) May 18, 2026
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