होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को आधिकारिक तौर पर समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका अब शांति के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है।
क्या था ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ? 28 फरवरी 2026 को शुरू किए गए इस सैन्य ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की सत्ता को अस्थिर करना और खामेनेई शासन को बेदखल करना था। इस अभियान के तहत अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को निशाना बनाया था।
लक्ष्य हासिल, अब शांति की तलाश विदेश मंत्री रुबियो के अनुसार, अमेरिका ने उन सभी उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया है जिनके लिए यह ऑपरेशन शुरू किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन अब इस सैन्य अभियान को और आगे खींचने के पक्ष में नहीं है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ईरान के लोग बेहतरीन हैं और मैं उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।
युद्ध खत्म करने के पीछे का गणित इस फैसले के पीछे केवल कूटनीति ही नहीं, बल्कि घरेलू और कानूनी मजबूरियां भी बड़ी वजह मानी जा रही हैं:
अगला कदम क्या? मार्को रुबियो ने साफ किया है कि अमेरिका अब ईरान के साथ बातचीत के जरिए मसले सुलझाने को प्राथमिकता दे रहा है। हालांकि, ईरान ने अब तक इस शांति प्रस्ताव पर कोई ठोस रुख नहीं दिखाया है। फिलहाल, अमेरिका ने मोर्चा तो हटा लिया है, लेकिन ईरान की गतिविधियों पर उसकी पैनी नजर बनी हुई है।
.@SecRubio: Operation Epic Fury is concluded. We achieved the objectives of that operation. We re not cheering for an additional situation to occur. We would prefer the path of peace. What @POTUS would prefer is a deal... that is, so far, not the route that Iran has chosen. pic.twitter.com/blkqn3Bqdm
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) May 5, 2026
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