नींद में सोए रहे लोग, नहीं बजी फोन की घंटी; विवेक विहार अग्निकांड में 9 की मौत
News Image

दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। बी ब्लॉक की एक रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग में 9 लोगों की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस त्रासदी की भयावहता और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर रहे हैं।

एसी में धमाके से शुरू हुआ तांडव स्थानीय निवासी रोहित के अनुसार, आग की शुरुआत एसी में हुए एक धमाके से हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग तड़के करीब 3:13 बजे लगी और इसकी सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां 3:35 बजे तक मौके पर पहुंच गईं।

फोन भी नहीं आए काम हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके। प्रत्यक्षदर्शी चरणजीत सिंह का मानना है कि यदि सामने के फ्लैट्स से निकाले गए लोग पीछे के फ्लैट्स में रह रहे निवासियों को फोन कर या चिल्लाकर सतर्क कर देते, तो शायद कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। ऐसा प्रतीत होता है कि पीछे की ओर बने फ्लैट्स में रहने वाले परिवारों को खतरे का अहसास ही नहीं हुआ और वे नींद में ही दम घुटने या आग की चपेट में आ गए।

एक ही सीढ़ी और बंद छत ने बढ़ाए संकट दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह चार मंजिला इमारत सुरक्षा के मानकों पर खरी नहीं उतरी। पूरी इमारत से बाहर निकलने का रास्ता केवल एक ही सीढ़ी थी। इसके अलावा, छत के दरवाजे पर ताला लगा होने के कारण लोगों के पास बचने का कोई दूसरा विकल्प (एग्जिट) नहीं था।

बचाव अभियान की चुनौतियाँ दमकल की 12 से अधिक गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। दमकलकर्मियों ने बालकनी में सीढ़ी लगाकर करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कुछ लोगों को लोहे की ग्रिल काटकर रेस्क्यू किया गया। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल तक फैल गई थी, जिससे राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।

जांच जारी इस पूरी घटना में करीब 15 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिनमें से कुछ घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। प्रशासन अब इस मामले की गहन जांच कर रहा है कि आखिर बिल्डिंग में सुरक्षा इंतजाम इतने लचर क्यों थे। यह हादसा एक चेतावनी है कि आपातकालीन निकास और समय पर दी गई सूचना किसी की जान बचाने के लिए कितनी निर्णायक हो सकती है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

IPL में कर्नाटक के नए सितारे का उदय: स्मरण रविचंद्रन का ड्रीम डेब्यू, नीतीश रेड्डी की जगह मिला मौका

Story 1

प्रयागराज: लिव-इन पार्टनर के खिलाफ एफआईआर के लिए 8 घंटे पानी की टंकी पर चढ़ी युवती, मऊ में भी दिखा ऐसा ही ड्रामा

Story 1

दिल्ली: विवेक विहार में AC ब्लास्ट से दहला घर, आग के तांडव में 9 लोगों की दर्दनाक मौत

Story 1

कनाडा कॉन्सर्ट में बवाल: दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तान समर्थक झंडा लहराने वालों को मंच से लगाई फटकार

Story 1

महंगाई पर ओपी राजभर का अजीब तर्क: बोले- हर गांव में कार, तो फिर महंगाई कैसी?

Story 1

PSL फाइनल से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी ने याद किया राहुल द्रविड़ का गोल्डन मंत्र , भारतीयों का सीना हुआ गर्व से चौड़ा

Story 1

मैं बब्बर शेर हूं, मजबूर किया तो फर्श पर ले आऊंगा : कुलदीप बिश्नोई की अपनी ही पार्टी को दो-टूक चेतावनी

Story 1

बंगाल चुनाव: फाल्टा में आखिर ऐसा क्या हुआ कि आयोग को करानी पड़ रही है दोबारा वोटिंग?

Story 1

फाल्टा विधानसभा सीट: चुनाव रद्द होने के पीछे की खौफनाक सच्चाई, मतदान में हुई थी ये धांधली

Story 1

SRH vs KKR: वरुण चक्रवर्ती का स्पिन जाल , हैदराबाद 165 रनों पर सिमटी