टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक इकाई में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को बड़ा झटका लगा है। नासिक सत्र अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) को खारिज कर दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी ने मामले को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मानते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए निदा खान की पुलिस हिरासत में पूछताछ (Custodial Interrogation) अनिवार्य है।
सरकारी वकील अजय मिसर ने अदालत में जो दलीलें दीं, उन्होंने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि यह केवल छेड़छाड़ का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी वित्तीय और अंतरराष्ट्रीय साजिश छिपी हो सकती है।
पुलिस के अनुसार, निदा खान के बैंक खातों और संपर्कों के तार मलेशिया और मालेगांव से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस विदेशी कनेक्शन की पुष्टि के लिए आरोपी का आमना-सामना पूछताछ के दौरान करना आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा पीड़ित की पहचान बदलने को लेकर हुआ। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कैसे एक हिंदू पीड़िता का नाम बदलकर उसे हनीया बना दिया गया।
इतना ही नहीं, पीड़िता के निजी इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल कथित रूप से धार्मिक एजेंडा फैलाने के लिए किया गया। पुलिस ने अदालत को आश्वस्त किया कि आरोपी के फोन को जब्त कर उसकी फॉरेंसिक जांच करना जांच का मुख्य हिस्सा है, जो केवल हिरासत के दौरान ही संभव है।
निदा खान के वकील राहुल कासलीवाल ने बचाव में कहा कि आरोप मनगढ़ंत हैं। उन्होंने दलील दी कि महाराष्ट्र में धर्मांतरण के खिलाफ वैसा सख्त कानून नहीं है जैसा उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश में है, इसलिए इसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने इन तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने एक उच्च-स्तरीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है, जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश साधना जाधव और पूर्व आईपीएस अधिकारी बी.के. सिन्हा शामिल हैं।
यह कमेटी 10 दिनों के भीतर नासिक यूनिट का दौरा करेगी। फिलहाल निदा खान पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं, और कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पुलिस की गिरफ्तारी की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।
VIDEO | Maharashtra: “Nashik court refuses anticipatory bail to TCS employee Nida Khan in alleged sexual harassment- forcible conversion case”, says public prosecutor Ajay Misar.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 2, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ykyXtUFc3Y
# असम में सियासी पारा गर्म: कांग्रेस का आरोप- चोरी के दम पर जीतना चाहती है बीजेपी
अचानक आपके फोन पर क्यों गूंजा इमरजेंसी सायरन? सरकार ने एक साथ 12 करोड़ लोगों को भेजा अलर्ट
डेब्यू पर धमाका: रामकृष्ण घोष का IPL में शानदार आगाज, सूर्यकुमार यादव बने पहला शिकार
IND vs PAK: भारतीय ड्रेसिंग रूम तक पहुंचे पाकिस्तानी खिलाड़ी, फिर भी नहीं मिलाया हाथ; कप्तान सलमान आगा का बड़ा खुलासा
हम समुद्री लुटेरों जैसे हैं : ईरान पर एक्शन को लेकर ट्रंप का विवादित बयान मचा रहा खलबली
मेरा स्कोर मायने नहीं रखता... : हार के बाद रियान पराग का छलका दर्द, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब
राम चरण की पेड्डी का धमाका: आईपीएल खत्म होते ही सिनेमाघरों में मचेगा कोहराम
# मौत से टकराता सर्विस बॉय : एसी रिपेयरिंग के नाम पर जानलेवा स्टंट!
बंगाल चुनाव: स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए EC का बड़ा कदम, 165 नए ऑब्जर्वर तैनात
CSK vs MI: क्या थाला और हिटमैन की होगी ऐतिहासिक वापसी? मैच से पहले आया बड़ा अपडेट