पटना में नारी शक्ति का शंखनाद: सम्राट चौधरी बोले- बहनों के साथ अन्याय करने वालों को पाताल से भी खोज निकालेंगे
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पटना की सड़कों पर आज भगवा रंग और नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के घटक दलों ने कारगिल चौक पर जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें विपक्ष की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया गया।

50 हजार महिलाओं का हुजूम बीजेपी के दावे के अनुसार, पूरे बिहार से लगभग 50 हजार महिलाएं इस प्रदर्शन में शामिल होने पटना पहुंचीं। विशेष टी-शर्ट पहने इन महिलाओं ने महिला आरक्षण के प्रति अपना अटूट समर्थन जाहिर किया। इस शक्ति प्रदर्शन में बीजेपी के साथ जेडीयू, हम (HAM) और लोजपा (R) की महिला नेत्रियों ने भी मंच साझा कर एनडीए की एकजुटता का संदेश दिया।

विपक्ष पर सम्राट चौधरी का तीखा हमला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी, लालू यादव और स्टालिन जैसे नेता केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही राजनीति में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश की हर साधारण महिला को विधायक और सांसद बनाना है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगर 33% आरक्षण समय पर लागू हो गया होता, तो आज बिहार में कम से कम 122 महिलाएं विधानसभा में नेतृत्व कर रही होतीं। उन्होंने याद दिलाया कि बिहार में पंचायती राज संस्थाओं में 50% आरक्षण देकर एनडीए सरकार ने पहले ही महिलाओं को सशक्त बनाया है।

बहनों के रक्षक के तौर पर खड़े हैं सम्राट सुरक्षा के मुद्दे पर सीएम सम्राट चौधरी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, आपका भाई सम्राट चौधरी यहां खड़ा है। बिहार में कानून का राज है और बहनों के साथ अन्याय करने वाले को पाताल से भी खोजकर सजा दी जाएगी।

विपक्ष की मानसिकता पर उठे सवाल बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह ने विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि साधारण पृष्ठभूमि की महिलाएं सदन में पहुंचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की राजनीति के कारण ही आज देश की महिलाएं अपने संवैधानिक हक से वंचित हैं।

चुनाव से पहले महिला आरक्षण बड़ा मुद्दा आगामी चुनावों को देखते हुए एनडीए अब महिला आरक्षण को अपना मुख्य चुनावी हथियार बनाने की तैयारी में है। मंच पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि बीजेपी अब राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आक्रामक रुख अपनाएगी।

कुल मिलाकर, पटना के इस सम्मेलन ने यह जता दिया है कि बिहार की सियासत में अब महिला अधिकारों को नजरअंदाज करना नामुमकिन है।

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