ईरान के लिए काल बनेगा मोसाद का नया बॉस, नेतन्याहू ने बहादुर योद्धा रोमन गोफमैन को सौंपी कमान
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तेल अवीव: ईरान के साथ बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुफिया एजेंसी मोसाद को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। नेतन्याहू ने अपने करीबी सैन्य सचिव मेजर जनरल रोमन गोफमैन को मोसाद का अगला प्रमुख नियुक्त किया है।

नेतन्याहू का भरोसा: साहसी और रचनात्मक अधिकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस नियुक्ति की जानकारी देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ग्रुनिस समिति की मंजूरी के बाद उन्होंने गोफमैन के नाम पर मुहर लगाई है। पीएम ने गोफमैन की सराहना करते हुए उन्हें अत्यंत साहसी और लीक से हटकर सोचने वाला अधिकारी बताया। मेजर जनरल गोफमैन जून 2026 में मौजूदा मोसाद चीफ डेविड बार्निया की जगह लेंगे।

बेलारूस से मोसाद चीफ तक का सफर रोमन गोफमैन का जन्म 1976 में बेलारूस में हुआ था और 14 साल की उम्र में वे इजरायल आ गए। 1995 में इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) में शामिल होने वाले गोफमैन का करियर मुख्य रूप से आर्मर्ड कोर (टैंक यूनिट) में रहा है। उन्होंने लेबनान, गाजा और इंतिफादा जैसे कई महत्वपूर्ण अभियानों में इजरायली सेना का नेतृत्व किया है।

7 अक्टूबर की जंग के हीरो गोफमैन की बहादुरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया, तब वे ट्रेनिंग सेंटर के कमांडर थे। उस दिन वे खुद युद्ध के मैदान में उतरे और आतंकियों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पिछले दो वर्षों से वे नेतन्याहू के मिलिट्री सेक्रेटरी के रूप में युद्ध नीति बनाने में अहम भूमिका निभा रहे थे।

दुश्मनों पर और आक्रामक होगी मोसाद? डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि गोफमैन की नियुक्ति के बाद मोसाद के कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव आ सकता है। जानकारों के मुताबिक, गोफमैन का आक्रामक ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि भविष्य में ईरान और अन्य क्षेत्रीय दुश्मनों के खिलाफ खुफिया ऑपरेशंस और टारगेट किलिंग्स में तेजी आ सकती है।

दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों में शुमार मोसाद की कमान अब एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में होगी, जिसने खुद युद्ध के मैदान में बारूद का स्वाद चखा है। ऐसे में ईरान और उसके समर्थित समूहों के लिए आने वाला समय बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है।

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