मिनाब स्कूल का दर्द और टूटे वादों का बोझ: अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच तेहरान का खौफनाक संदेश
News Image

मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में महत्वपूर्ण बातचीत शुरू हो चुकी है। लेकिन इस कूटनीतिक मुलाकात से ज्यादा चर्चा उस मौन संदेश की हो रही है, जिसे ईरानी प्रतिनिधिमंडल अपने साथ लेकर आया है।

168 मासूमों की याद में खाली सीटें ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने अपनी इस्लामाबाद यात्रा के दौरान विमान के अंदर की एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में विमान की खाली सीटों पर मिनाब स्कूल हमले में मारे गए 168 बच्चों की तस्वीरें रखी हुई थीं। ग़ालिबफ़ ने इसे मेरे साथी, मिनाब 168 कहकर संबोधित किया।

यह हमला संघर्ष के शुरुआती दिनों में हुआ था, जब अमेरिकी मिसाइलों ने शजरेह तैय्येबाह स्कूल को निशाना बनाया था। अमेरिका का तर्क था कि निशाना पास का सैन्य अड्डा था, लेकिन ईरान ने इसे एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया नरसंहार करार दिया।

नामजद सैन्य अधिकारियों का मुद्दा ईरान ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी नौसेना के कमांडर ली आर. टेट और जेफ़री ई. यॉर्क को जिम्मेदार ठहराया है। तेहरान ने इनकी तस्वीरें जारी करते हुए संयुक्त राष्ट्र से न्याय की मांग की है। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए ईरान ने दुनिया को याद दिलाया है कि वह इस जख्म को भूला नहीं है।

टूटे वादों का कड़वा अनुभव इस्लामाबाद वार्ता में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे ग़ालिबफ़ काफी सख्त रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का अनुभव अमेरिका के साथ हमेशा अविश्वास और टूटे हुए वादों का रहा है। उन्होंने कहा, हमारी नीयत अच्छी है, लेकिन हमें अमेरिकियों पर भरोसा नहीं है।

अड़ियल रुख: युद्धविराम या नया संघर्ष? ईरान लेबनान में युद्धविराम के बदले अपनी फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करवाना चाहता है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे वार्ता से पीछे हट जाएंगे। वहीं, अमेरिका ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान को खिलवाड़ न करने की चेतावनी दी है और नए हमलों की धमकी दी है।

दुनिया की नजरें अब इस्लामाबाद की इस मेज पर टिकी हैं, जहां एक तरफ कूटनीति की भाषा है, तो दूसरी ओर मिनाब स्कूल के 168 निर्दोष बच्चों का वह दर्द है, जो किसी भी समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

डिजिटल अरेस्ट का जाल: 8वीं के छात्र की समझदारी ने बचाए माता-पिता के 6 लाख रुपये

Story 1

मुकुल चौधरी की जादुई पारी और मर्सिडीज का झूठा इनाम: क्या है वायरल दावे की सच्चाई?

Story 1

15 साल का तूफानी बल्लेबाज: वैभव सूर्यवंशी का वो अफसोस जो उनके बड़े इरादों को बयां करता है

Story 1

सड़क पर सरेआम हाई वोल्टेज ड्रामा : दूसरी महिला के साथ पकड़ा तो पति ने पत्नी को जड़ा थप्पड़

Story 1

समय युद्ध का चौथा आयाम: भविष्य के रणक्षेत्र को लेकर CDS अनिल चौहान ने खोला राज

Story 1

मॉरीशस में जयशंकर का कूटनीतिक वार : नेपाल और भूटान के साथ रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार

Story 1

गगनयान की सुरक्षित वापसी का दमदार टेस्ट: ISRO और एयरफोर्स ने आसमान में दिखाया दम

Story 1

6 हफ्ते की गिरावट के बाद निफ्टी की दमदार वापसी, 2021 के बाद दर्ज की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त

Story 1

क्रिकेट और सिनेमा की अनूठी जुगलबंदी: संजू सैमसन के पक्के दोस्त हैं ये सुपरस्टार, रात 2 बजे तक चली महफिल

Story 1

दिल्ली में थमेगा पेट्रोल वाहनों का सफर: 2028 से बंद होगी पेट्रोल बाइक और स्कूटर की बिक्री