सीजफायर के बाद ट्रंप की मुश्किलें बढ़ीं: व्हाइट हाउस के बाहर इस्तीफे की मांग, 85 सांसदों ने भी खोला मोर्चा
News Image

मिडिल ईस्ट में दो हफ्तों के लिए हुए सीजफायर ने भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थोड़ी राहत की सांस ली हो, लेकिन अमेरिका के भीतर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए संकट गहरा गया है। सीजफायर के ऐलान के तुरंत बाद वाशिंगटन डीसी की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।

व्हाइट हाउस के बाहर हज़ारों की भीड़ सीजफायर की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के बाहर जमा हो गए। लोगों का गुस्सा इस कदर है कि वे चुनाव तक इंतजार करने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि ट्रंप को अब और अभी इस्तीफा देना होगा।

युद्ध अपराध का आरोप प्रदर्शन में शामिल मॉर्गन टेलर ने कहा, हम मौजूदा हालात को और बर्दाश्त नहीं कर सकते। राष्ट्रपति द्वारा किए गए युद्ध अपराधों और पूरी दुनिया में फैल रही क्रूरता के लिए इस आदमी का जाना जरूरी है। हमें सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे शासन को बदलना होगा।

हर दिन सड़कों पर उतरने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक ट्रंप सत्ता से बाहर नहीं हो जाते, वे हर दिन सड़कों पर उतरेंगे। उनका मानना है कि अमेरिकी नीतियों की वजह से दुनिया भर में लोग मारे जा रहे हैं और पीड़ित हो रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन न केवल युद्ध की समाप्ति, बल्कि राष्ट्रपति की जवाबदेही की मांग को लेकर है।

निशाने पर लापरवाही से की गई बमबारी विरोध कर रहे कई नागरिकों ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, मैं बिना किसी ठोस कारण के ईरान पर की गई बमबारी और सैन्य कार्रवाई का विरोध करता हूं। यह सीधे तौर पर नागरिकों की जान से खिलवाड़ है। यह घोर अन्याय है जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

85 सांसदों ने भी बढ़ाई बेचैनी इस बीच, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, 85 अमेरिकी सांसदों ने अब ट्रंप के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है। सीजफायर के बाद पैदा हुई यह स्थिति ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि अब उन्हें घरेलू मोर्चे पर जनता के साथ-साथ अपने ही देश के कानून निर्माताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ट्रंप का बड़ा ऐलान: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की बड़ी तैनाती, मध्य पूर्व में स्वर्ण युग की आहट

Story 1

चुनावी रण में भाजपा की छठी लिस्ट जारी, TMC ने चुनाव आयोग पर लगाया अपमान का आरोप

Story 1

अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर: तेहरान की सड़कों पर जश्न, लेकिन बारूदी सुरंगों पर टिका समझौता

Story 1

Hi Dear मैसेज से रहें सावधान: Netflix के नाम पर खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट

Story 1

जब मेरा विश्वास डगमगाया, आप साथ खड़े रहे : आदित्य धर ने धुरंधर की सफलता का श्रेय किसे दिया?

Story 1

सीजफायर के बाद ईरान का भारत को बड़ा संदेश, PM मोदी और राष्ट्रपति के बीच हुई खास चर्चा

Story 1

ईरान-अमेरिका युद्धविराम: भारत ने किया स्वागत, उठाई समुद्री रास्तों की सुरक्षा की बड़ी मांग

Story 1

अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर शहबाज शरीफ की कॉपी-पेस्ट फजीहत, सोशल मीडिया पर उड़े मजाक

Story 1

ईरान-अमेरिका का युद्ध विराम और चीन की नई चाल: क्या ताइवान पर मंडरा रहा है खतरे का साया?

Story 1

अमेरिका-ईरान सीजफायर: ट्रंप के सरेंडर पर तेहरान में जश्न, क्या यह सुपरपावर की बड़ी रणनीतिक हार?