दमावंद का सहारा, संगीत का इरादा ईरान-इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब खतरनाक मोड़ पर है। इसी तनाव के बीच ईरानी संगीतकार और टार वादक अली घमसारी ने एक अनोखा फैसला लिया है। वे तेहरान के सबसे बड़े दमावंद पावर प्लांट में जाकर रहने वाले हैं। यह वही प्लांट है जो राजधानी तेहरान को आधी बिजली की आपूर्ति करता है।
संगीत के जरिए शांति की अपील घमसारी ने ऐलान किया है कि वे अपने वाद्य यंत्र के साथ प्लांट परिसर में ही रहेंगे और वहां संगीत की धुनें पिरोएंगे। उनका मकसद ईरान के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति दुनिया का ध्यान खींचना और हमलों को रोकने के लिए एक कलात्मक ढाल तैयार करना है। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्लांट के पास संगीत बजाते दिख रहे हैं।
मानव ढाल बनने की मुहिम यह कदम ईरान सरकार की उस अपील के बाद उठाया गया है, जिसमें नागरिकों से परमाणु स्थलों और ऊर्जा संयंत्रों के पास मानव श्रृंखला बनाने को कहा गया था। तेहरान का मानना है कि यदि इन संवेदनशील जगहों पर आम नागरिक या मशहूर हस्तियां मौजूद रहेंगी, तो अमेरिका और इजरायल उन पर हमला करने से परहेज करेंगे।
ट्रंप की चेतावनी और बढ़ता खतरा यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के पास मौजूद ईरानी पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान द्वारा सीजफायर प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद ट्रंप ने साफ कहा है कि तेहरान को अब बड़ी कीमत चुकानी होगी।
मिट जाऊंगा पर हटूंगा नहीं अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना अली घमसारी का कहना है कि वे इस मिशन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भले ही हमले में उनकी जान चली जाए, लेकिन वे ईरान के बुनियादी ढांचे को बचाने की अपनी कोशिश जारी रखेंगे।
ऊर्जा संकट का साया विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दमावंद पावर प्लांट पर हमला होता है, तो ईरान भीषण ऊर्जा संकट में घिर सकता है। घमसारी की यह संगीत वाली सुरक्षा युद्ध के मैदान में कितनी कारगर साबित होगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इसने युद्ध के बीच एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।
Iranian musician Ali Ghamsari, a composer and Tar player, announced that starting today, he will stay at Damavand power plant responsible for providing half of Tehran’s electricity with his instrument for some time, creating music to help prevent attacks on Iran s infrastructure. pic.twitter.com/DxzOkbofqj
— Iran Embassy in Australia (@IraninAustralia) April 7, 2026
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