तुर्की और ग्रीस के बीच स्थित एजियन सागर में आए हालिया भूकंप ने न केवल धरती को हिलाया, बल्कि आसमान में एक ऐसी रहस्यमयी घटना को जन्म दिया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। भूकंप के झटकों के बाद आसमान में चमकदार वर्टिकल बीम्स (प्रकाश की किरणें) देखी गईं।
सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों और वीडियो के वायरल होते ही कयासों का बाजार गर्म हो गया। किसी ने इसे देवदूत (फरिश्ता) का आगमन बताया, तो किसी ने इसे किसी सिमुलेशन या आभासी दुनिया का स्पेशल इफेक्ट करार दिया।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई जादू या अलौकिक घटना नहीं है, बल्कि इसे अर्थक्वेक लाइट्स (Earthquake Lights) कहा जाता है। यह एक अत्यंत दुर्लभ प्राकृतिक प्रक्रिया है।
ये रोशनी चमक, धारियों, गोलों या प्रकाश की ऊर्ध्वाधर किरणों के रूप में दिखाई देती हैं। ये भूकंप आने से ठीक पहले, उसके दौरान या तुरंत बाद आसमान में देखी जा सकती हैं। हालांकि इनका जिक्र सैकड़ों सालों से होता रहा है, लेकिन इनका दिखना बहुत दुर्लभ है।
इस घटना के पीछे का मुख्य कारण धरती की गहराई में छिपा है। भूकंप के दौरान जब विशाल टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं, तो धरती की ऊपरी परत (क्रस्ट) की चट्टानों पर भारी दबाव पड़ता है।
खासकर क्वार्ट्ज जैसे खनिजों वाली चट्टानों पर पड़ने वाला यह दबाव एक विशाल बैटरी की तरह काम करता है, जो इलेक्ट्रिक चार्ज पैदा करता है। यह ऊर्जा दरारों के जरिए सतह तक पहुँचती है और हवा के अणुओं को आयनित (Ionize) कर देती है।
हवा के आयनित होते ही एक चमकता हुआ प्लाज्मा बनता है—बिल्कुल वैसा ही जैसा नियॉन साइन बोर्ड्स में होता है। यह प्रक्रिया बिना किसी गर्मी या आग के, स्थिर किरणों के रूप में दिखाई देती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि जिन इलाकों में सीधी और वर्टिकल दरारें (रिफ्ट ज़ोन) होती हैं, वहां ये किरणें ज्यादा स्पष्ट दिखती हैं क्योंकि ये बिजली के लिए आसान रास्ता बनाती हैं। लैब प्रयोगों में भी चट्टानों पर दबाव डालकर ऐसे विद्युत प्रभाव पैदा किए गए हैं।
निष्कर्ष यह है कि आसमान में तैरती ये रोशनी हमारे ग्रह के भीतर छिपी उन शक्तिशाली ऊर्जाओं का प्रमाण हैं, जिन्हें हम अक्सर देख नहीं पाते। यह कोई अलौकिक घटना नहीं, बल्कि प्रकृति का अपना एक विस्मयकारी प्रदर्शन है।
Unusual beams of light were observed in the skies over Turkey and Greece during the Aegean Sea earthquake.
— Earth (@earthcurated) April 2, 2026
This phenomenon is believed to occur when powerful electrical charges build up in the Earth’s crust, ionizing the surrounding air and producing visible flashes or streaks… pic.twitter.com/fgCOE6qOjo
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