ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच जारी युद्ध गुरुवार, 2 अप्रैल को अपने 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका इस युद्ध को बीच में छोड़कर वापस नहीं लौटेगा। केंटकी के हेब्रोन में एक सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के बाद ही पीछे हटेगा।
ऑपरेशन एपिक रैथ और रणनीतिक बढ़त ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन एपिक रैथ पूरी तेजी से आगे बढ़ रहा है और अमेरिकी सेना ने युद्ध के मैदान में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना को बेअसर कर दिया गया है, उनकी विमानन शक्ति (एयर पावर) को न्यूनतम स्तर पर ला दिया गया है और मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता को भी काफी हद तक कम कर दिया गया है।
परमाणु कार्यक्रम पर सीधी चेतावनी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उन साइटों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने गुप्त रूप से परमाणु क्षमता हासिल करने की कोशिश की, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने ओबामा प्रशासन के समय हुए परमाणु समझौते को एक बड़ी गलती करार दिया।
होर्मुज स्ट्रेट और तेल की कीमतें बढ़ती ईंधन कीमतों पर ट्रंप ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में 25% की वृद्धि अस्थायी है और यह ईरान द्वारा कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाए जाने का नतीजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब तेल आयात पर निर्भर नहीं है। उन्होंने अन्य देशों से अपील की कि वे होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लें। राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान के पावर ग्रिड और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले और तेज किए जा सकते हैं।
ईरान का पलटवार: तनाव बरकरार ट्रंप के भाषण के कुछ ही देर बाद, ईरान ने इज़राइल पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए। तेल अवीव में सायरन बजने लगे और क्लस्टर बमों के टुकड़ों से भारी नुकसान की खबर है। हिज़्बुल्लाह ने भी उत्तरी और मध्य इज़राइल को रॉकेटों से निशाना बनाया है। इज़राइली सेना के अनुसार, तेल अवीव के पास कई लोग घायल हुए हैं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
तेहरान का संदेश ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिकी जनता को एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने ईरान की सैन्य कार्रवाइयों को बचाव करार दिया और अमेरिकी जनता से युद्ध के बारे में फैलाई जा रही गलत जानकारी से सावधान रहने को कहा है। उन्होंने सैन्य टकराव के बजाय बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील की है।
फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच जारी यह टकराव किसी भी बड़े समझौते के बजाय और अधिक तीव्रता की ओर बढ़ता दिख रहा है।
The best of America. 🇺🇸 pic.twitter.com/4w6QyND6Zs
— The White House (@WhiteHouse) April 2, 2026
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