पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच अब एक नया मोर्चा खुल गया है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र की बुनियाद यानी वोटर लिस्ट से जुड़ा है। यह विवाद अब दिल्ली की दहलीज पार कर सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है।
इस पूरे विवाद का केंद्र फॉर्म-6 है, जिसका उपयोग नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए किया जाता है। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि भाजपा एजेंटों द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जी फॉर्म-6 जमा कराए जा रहे हैं ताकि बाहरी लोगों को राज्य की वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सके।
तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में भारी मात्रा में फॉर्म जमा होते दिख रहे हैं। पार्टी का दावा है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ सीधा खिलवाड़ है।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की गंभीरता को देखते हुए टीएमसी ने दिग्गज वकीलों की फौज उतारी है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और श्याम दीवान ने अदालत के सामने दलील दी कि जिस तरह से फॉर्म-6 का अवैध सबमिशन हो रहा है, उसकी तुरंत उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मांग की है कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाए। उनका तर्क है कि 28 फरवरी 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित हो चुकी है, जिसके बाद संदिग्ध नामों को जोड़ना असंवैधानिक है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तीखा पत्र लिखकर इस घटनाक्रम को भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत करार दिया है। उन्होंने बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी इसी तरह का पैटर्न देखने को मिला था।
ममता ने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया की न्यायिक निगरानी होनी चाहिए और इसमें पूर्व जजों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
अब सबकी नजरें 7 अप्रैल की समय सीमा पर टिकी हैं, जिसे कलकत्ता हाई कोर्ट ने इन विवादों के समाधान के लिए तय किया है। राज्य में पुलिस शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं और जांच की मांग तेज हो गई है।
यदि समय रहते इन शिकायतों का निपटारा नहीं हुआ, तो आगामी विधानसभा चुनाव विवादों के साये में संपन्न होंगे। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसलों पर ही बंगाल का आगामी राजनीतिक भविष्य निर्भर करता है।
I have written to the Chief Election Commissioner, raising serious alarm over the grave conspiracy being orchestrated against the democratic rights of the people of Bengal.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 31, 2026
BJP agents have been caught red-handed flooding the Office of the Chief Electoral Officer, West Bengal… pic.twitter.com/QYZrj7RqST
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