पंजाब की सियासत में बड़ा उलटफेर: वरिष्ठ वकील एच.एस. फूलका ने थामा बीजेपी का दामन
News Image

पंजाब की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फूलका ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।

राजनीति में दूसरी पारी

एच.एस. फूलका लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर थे। उन्होंने जनवरी 2019 में आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा दे दिया था। तब उन्होंने कहा था कि राजनीति में आना उनकी गलती थी और वे केवल वकालत पर ध्यान देना चाहते हैं। सात साल के लंबे अंतराल के बाद, उनकी यह वापसी पंजाब के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

बीजेपी के लिए अहम बूस्ट

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फूलका का बीजेपी में शामिल होना पार्टी के लिए एक बड़ा बूस्ट है। पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही बीजेपी के लिए फूलका जैसा चेहरा, जो न्याय और मानवाधिकार के संघर्षों का प्रतीक माना जाता है, राज्य में पार्टी की छवि को नई ऊर्जा देने का काम करेगा।

लोकसभा से विधानसभा तक का सफर

फूलका का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2014 में उन्होंने लुधियाना लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू के हाथों हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने दाखा सीट से जीत हासिल की और विधानसभा पहुंचे।

न्याय की लंबी लड़ाई के योद्धा

एच.एस. फूलका केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखक भी हैं। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने दशकों तक कानूनी लड़ाई लड़ी। एचकेएल भगत, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर जैसे कांग्रेस नेताओं को जवाबदेह ठहराने में उनकी भूमिका निर्णायक रही।

साहित्यिक और कानूनी योगदान

दंगों के बाद 1985 में उन्होंने सिटिजन्स जस्टिस कमेटी (CJC) के गठन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने व्हेन ए ट्री शूक दिल्ली (When a Tree Shook Delhi) नामक पुस्तक भी लिखी, जो 1984 के दंगों का सबसे विस्तृत विवरण मानी जाती है। उनकी निस्वार्थ सेवा और कानूनी प्रतिबद्धता के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया था।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

शमी का कहर: पहली ही गेंद पर राहुल का सरेंडर , इकाना में दिखा स्विंग का जादू

Story 1

18% ईसाई वोट के सहारे थी BJP, FCRA संशोधन बिल से केरल में हो गया सेल्फ गोल ?

Story 1

राम के रोल के लिए रणबीर कपूर ने पहले कह दिया था ना , फिर बेटी राहा ने कैसे बदल दी किस्मत?

Story 1

अभी बुक करो वरना नहीं मिलेगा सिलेंडर : LPG बुकिंग के नाम पर हो रहा बड़ा फ्रॉड, सरकार ने जारी किया अलर्ट

Story 1

बेंच पर बैठने का मन नहीं था , मुंबई इंडियंस छोड़ने पर अर्जुन तेंदुलकर ने तोड़ी चुप्पी

Story 1

आसमान में दहका डेल्टा का विमान: उड़ान भरते ही इंजन में लगी आग, बाल-बाल बचीं 286 जानें

Story 1

IPL 2026: मोहम्मद शमी ने रचा इतिहास, पहली ही गेंद पर विकेट लेने का बनाया अभेद्य रिकॉर्ड

Story 1

युद्ध संकट: भारत की एनर्जी कूटनीति का बड़ा दांव, 41 देशों से तेल मंगाकर खत्म की निर्भरता

Story 1

भूत बंगला की रिलीज से पहले महाकाल की शरण में अक्षय कुमार, जानें बाबा से क्या मांगा आशीर्वाद?

Story 1

क्या स्ट्रोक से रिकवरी में जीवनसाथी का साथ वाकई जादू की तरह काम करता है?