केरल विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की सत्ता पर काबिज लेफ्ट और कांग्रेस के बीच मची खींचतान के बीच बीजेपी ने भी अपनी पैठ बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी की नजरें विशेष रूप से केरल के 18% ईसाई मतदाताओं पर टिकी हैं, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के वोट प्रतिशत में बड़ी उछाल लाने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, अब केंद्र सरकार के एक फैसले ने बीजेपी की इन उम्मीदों पर पानी फेरने की चिंता बढ़ा दी है।
केरल की राजनीति में ईसाई समुदाय को X फैक्टर माना जाता है। राज्य की लगभग 18% आबादी ईसाई है, जो कई विधानसभा सीटों के नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। पिछले कुछ वर्षों में बीजेपी ने इस समुदाय तक पहुंचने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में, जब आर्चबिशप मार जोसेफ पम्प्लानी जैसे प्रभावशाली लोगों ने केंद्र सरकार के साथ तालमेल के संकेत दिए, तो बीजेपी का वोट प्रतिशत 12.9% से बढ़कर 16% के पार पहुंच गया।
चुनाव के ठीक बीच में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में पेश किया गया FCRA संशोधन विधेयक 2026 बीजेपी के लिए गले की फांस बनता दिख रहा है। सरकार का कहना है कि यह बिल विदेशी फंड में पारदर्शिता के लिए है, लेकिन विपक्ष इसे सीधे तौर पर ईसाइयों और अल्पसंख्यक NGOs को निशाना बनाने वाला कानून बता रहा है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस बिल के खिलाफ संसद में मोर्चा खोल दिया है, जिससे बीजेपी की छवि को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी के लिए यह फैसला आत्मघाती साबित हो सकता है। बीजेपी ने जॉर्ज कुरियन और शॉन जॉर्ज जैसे बड़े ईसाई चेहरों को मैदान में उतारकर यह संदेश देने की कोशिश की थी कि वे लेफ्ट और कांग्रेस का बेहतर विकल्प हैं। लेकिन, अब चर्च और सामुदायिक संस्थाओं का गुस्सा बीजेपी की राह में रोड़ा बन सकता है।
केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल के फादर थॉमस थरायिल ने साफ कहा है कि मौजूदा नियमों के रहते नए सख्त प्रावधान अतार्किक हैं। लाइसेंस रिन्यूअल में देरी और एनजीओ की संपत्तियों को कब्जे में लेने जैसे प्रावधानों से ईसाई समुदाय में गहरा असंतोष है। बीजेपी नेता भले ही विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगा रहे हों, लेकिन धरातल पर बढ़ता यह आक्रोश पार्टी के लिए उन 18% वोटों के दरवाजे बंद कर सकता है, जिनकी बदौलत पार्टी केरल में पहली बार अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रही थी।
#WATCH | कोझिकोड, केरल: FCRA संशोधन विधेयक 2026 पर, कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, FCRA ईसाइयों, अल्पसंख्यकों और NGOs के खिलाफ एक लक्षित कानून है। जो NGOs भारत के लोगों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें इस कानून के ज़रिए दंडित किया जा रहा है। हम इस… pic.twitter.com/S83vRoKnYK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 1, 2026
वायरल वीडियो: जादूगर ने खाली पन्नों पर पलक झपकते ही उतारी कलाकारी, शख्स के उड़े होश
बेंच पर बैठने का मन नहीं था , मुंबई इंडियंस छोड़ने पर अर्जुन तेंदुलकर ने तोड़ी चुप्पी
वायरल वीडियो: जादूगर की एक हरकत ने उड़ाए होश, खाली नोटबुक में अचानक कैसे आए रंग-बिरंगे चित्र?
IPL पर एडम जैम्पा का विवादित बयान: कम पैसे का आरोप, लेकिन PSL में हुआ बड़ा नुकसान
भूखा आदमी मरने से पहले मारेगा: अवध ओझा की क्रांति वाली भविष्यवाणी से मचा बवाल
सुबह 6 बजे आया मेल, 30 हजार लोगों की नौकरी गई: ओरेकल की पिंक स्लिप से मचा हड़कंप
इन लड़कों की कमेंट्री के दीवाने हुए लोग, प्रोफेशनल को भी दे रहे हैं मात!
पटना यूनिवर्सिटी बवाल: छात्र संघ अध्यक्ष समेत 6 पर FIR, कुलपति की भूमिका पर भी उठे गंभीर सवाल
कोविड योद्धाओं के परिवारों को न्याय: सीएम गुप्ता ने सौंपी 1-1 करोड़ की आर्थिक मदद
सावधान! LPG बुकिंग का मैसेज खाली कर सकता है आपका बैंक अकाउंट, सरकार ने जारी किया अलर्ट