छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर पापा राव उर्फ सुन्नम चंद्रैया ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। 30 साल तक हिंसा का रास्ता चुनने वाला यह कमांडर अब मुख्यधारा में लौट आया है।
कौन है पापा राव और क्यों है खौफ? पापा राव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था और साउथ सब जोनल ब्यूरो संभालता था। उस पर 45 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। 2010 का तादमेटला हमला (76 जवान शहीद) और जनवरी 2025 का अंबेली हमला, जिसमें 8 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे, पापा राव की ही खूनी कहानी का हिस्सा हैं। उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था।
हथियारों का जखीरा और सरेंडर पापा राव के साथ सरेंडर करने वालों में डिविजनल कमेटी के सदस्य प्रकाश मडवी और अनिल टाटी भी शामिल हैं। इस ग्रुप ने 8 एके-47 राइफलें, एक एसएलआर और एक इंसास जैसी घातक बंदूकें पुलिस को सौंपी हैं। सरेंडर के बाद पापा राव ने कहा कि वह अब संविधान के दायरे में रहकर पानी और जमीन के अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
कैसे मिला ये अजीब नाम? पापा राव का असली नाम सुन्नम चंद्रैया है। 1994 में जब वह संगठन से जुड़ा, तो तत्कालीन खूंखार कमांडर रमन्ना (रावलु श्रीनिवास) ने उसे पापा राव नाम दिया। यह नाम धीरे-धीरे बस्तर के जंगलों में खौफ का पर्याय बन गया। हिडमा के खात्मे के बाद उसे माओवादियों का सबसे अनुभवी और खतरनाक रणनीतिकार माना जाता था।
तीन बार मर चुका है यह नक्सली पापा राव सुरक्षा बलों को चकमा देने में माहिर रहा है। उसने तीन बार अपनी मौत की झूठी अफवाहें फैलाईं। 2016 में खबर आई कि उसे सांप ने काट लिया, 2020 में किडनी की बीमारी से मौत का दावा किया गया, और फिर कोरोना काल में भी उसकी मौत की चर्चा रही। हर बार खुफिया एजेंसियां उसे जिंदा ढूंढ निकालती थीं, लेकिन इस बार उसने खुद ही हथियार डाल दिए हैं।
लाल आतंक का अंत करीब? यह सरेंडर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से ठीक पहले हुआ है। बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने के सरकारी अभियान का यह बड़ा परिणाम माना जा रहा है। सरकार अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास पैकेज और रोजगार देकर सामान्य जीवन में शामिल करने की तैयारी कर रही है। बस्तर में अब लाल आतंक की जड़ें कमजोर होती नजर आ रही हैं।
*#WATCH | Kawardha: Chhattisgarh Deputy CM Vijay Sharma says, A total of 18 Naxalites have surrendered and rehabilitated along with Naxalite Papa Rao, including 10 men and 8 women. 8 AK-47s, 1 SLR, 1 INSAS, and other such weapons have been recovered... After this, we can… pic.twitter.com/fit5sxxXUh
— ANI (@ANI) March 24, 2026
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