ईरान-अमेरिका जंग का असली मास्टरमाइंड कौन? भारतीय इंटेलिजेंस का दावा साबित हुआ सटीक
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मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग ने वैश्विक राजनीति को हिलाकर रख दिया है। अब इस पूरे टकराव के पीछे एक चौंकाने वाला नाम सामने आया है—अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के पीछे हेगसेथ का हाथ था।

भारतीय इंटेलिजेंस की सटीक भविष्यवाणी यह खुलासा तब और भी महत्वपूर्ण हो गया है जब पता चला कि भारत की खुफिया एजेंसियों को इस घटनाक्रम का अंदाजा बहुत पहले से था। पूर्व रॉ एजेंट लक्की बिष्ट ने 19 मार्च को ही अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर संकेत दे दिए थे कि ईरान-अमेरिका युद्ध की पटकथा के पीछे पीट हेगसेथ हैं।

लक्की बिष्ट के अनुसार, जिस तरह से अमेरिका इस युद्ध में कूदा, उसके पीछे के असली सूत्रधार हेगसेथ ही थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि हेगसेथ पर्दे के पीछे रहकर पूरी रणनीति को अंजाम दे रहे हैं। आज जब डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात की पुष्टि की है, तो दुनिया भर में भारतीय इंटेलिजेंस की दूरदर्शिता की चर्चा हो रही है।

लेट्स डू इट मैन : ट्रंप और हेगसेथ की बातचीत डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक सार्वजनिक बयान में माना कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सुझाव सबसे पहले पीट हेगसेथ ने दिया था। ट्रंप के मुताबिक, हेगसेथ ने बिना हिचकिचाहट के कहा था— लेट्स डू इट मैन, हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते। इस बयान ने हेगसेथ को इस युद्ध का मुख्य रणनीतिक चेहरा बना दिया है।

कौन हैं पीट हेगसेथ? पीट हेगसेथ को अमेरिका में एक आक्रामक नीति निर्माता के रूप में देखा जाता है। वे पहले फॉक्स न्यूज में होस्ट रह चुके हैं और अमेरिकी सेना में सेवा देने का अनुभव भी रखते हैं। एक समय ऐसा था जब वे इराक और अफगानिस्तान जैसी लंबी जंगों के सख्त खिलाफ थे, लेकिन ईरान को लेकर उनके बदले हुए रुख ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच समीकरण बदल दिए हैं।

युद्ध के मैदान का नया आक्रामक चेहरा युद्ध शुरू होने के बाद से ही हेगसेथ का लहजा काफी कठोर रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि अमेरिका निर्णायक तरीके से जीत रहा है और उन्हें किसी भी कार्रवाई में रहम दिखाने की जरूरत नहीं है। उनके बयानों से ऐसा लगता है कि वे एक सख्त सैन्य नीति के जरिए अमेरिका को एक नई दिशा में ले जाना चाहते हैं।

पर्दे के पीछे का खेल? कई विश्लेषक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या हेगसेथ वास्तव में अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं या वे किसी और के एजेंडे का हिस्सा हैं? लक्की बिष्ट जैसे विशेषज्ञों का दावा है कि इस पूरे मामले में बाहरी दखलअंदाजी से इनकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल, दुनिया अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि हेगसेथ की यह आक्रामक नीति अमेरिका को जीत दिलाएगी या एक अंतहीन युद्ध में झोंक देगी।

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