पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच का संघर्ष एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लकी बिष्ट ने आगाह किया है कि यह युद्ध अब केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह हाइब्रिड वॉरफेयर का रूप ले चुका है, जो दुनिया के लिए मिसाइल हमलों से भी ज्यादा खतरनाक है।
कैसे शुरू हुआ यह खतरनाक दौर? 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के ठिकानों पर संयुक्त सैन्य हमले के बाद से हालात तेजी से बिगड़े। इसके जवाब में ईरान ने न केवल मिसाइलें दागीं, बल्कि अपने प्रॉक्सी नेटवर्क को सक्रिय कर दिया। आज यह जंग लेबनान से लेकर खाड़ी देशों और समुद्री मार्गों तक एक मल्टी-फ्रंट वॉर में बदल चुकी है।
ईरान की सबसे बड़ी ताकत: प्रॉक्सी वॉर ईरान सीधे युद्ध के बजाय अप्रत्यक्ष युद्ध में महारत रखता है। वह लेबनान के हिजबुल्लाह, इराक के शिया मिलिशिया, यमन के हूती और सीरियाई नेटवर्क के जरिए अपने दुश्मनों को उलझाए रखता है। यह रणनीति ईरान को कम खर्च में बड़ी महाशक्तियों को चुनौती देने की ताकत देती है।
स्लीपर सेल का असली साइलेंट खतरा सुरक्षा जानकारों के मुताबिक, सबसे बड़ा खतरा अमेरिका और यूरोप में सालों से खामोशी से बैठे स्लीपर सेल हैं। यदि युद्ध और लंबा खिंचता है, तो ईरान इन छिपे हुए नेटवर्क को अचानक एक्टिव कर सकता है। यह खतरा पारंपरिक मिसाइल हमलों से कहीं अधिक अप्रत्याशित और विनाशकारी साबित हो सकता है।
क्या है हाइब्रिड वॉर का स्वरूप? यह युद्ध अब अनरिस्ट्रिक्टेड वॉरफेयर बन गया है। इसमें केवल हथियार नहीं, बल्कि निम्नलिखित मोर्चे शामिल हैं:
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता संकट होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, इस युद्ध का केंद्र बन गया है। यदि ईरान ने इसे बाधित किया, तो दुनिया 1970 के दशक जैसे तेल संकट और भयानक आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकती है। दुनिया जिस तरह से इस युद्ध की ओर बढ़ रही है, वहां कोई भी मोर्चे पर दी गई ढील वैश्विक आपदा का कारण बन सकती है।
ईरान को प्रॉक्सी वॉर में महारत हासिल है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध इसी तरह बढ़ता रहा, तो वो स्लीपर सेल जो सालों से खामोशी से अमेरिका और यूरोप में मौजूद हैं, अचानक एक्टिव हो सकते हैं और यही असली खतरा होगा।#ProxyWar #Iran #US #Europe #Geopolitics #luckybisht pic.twitter.com/06RWXGv2S8
— Lucky Bisht (@iamluckybisht) March 23, 2026
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