सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के भविष्य को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों का अंत हो गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार BSNL का निजीकरण नहीं करेगी। कंपनी अब पूरी तरह से सरकारी स्वामित्व में रहकर अपनी सेवाओं का विस्तार करेगी।
जनता की कंपनी, निजीकरण का सवाल ही नहीं लोकसभा में एक स्पष्ट बयान देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि BSNL भारत की जनता की संपत्ति है और इसका मूल उद्देश्य जनसेवा है। उन्होंने साफ किया कि कंपनी को बेचने के बजाय इसे आधुनिक तकनीक और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BSNL को एक नई पहचान देने की तैयारी है।
स्वदेशी तकनीक से 4G और 5G का सफर BSNL की कायापलट के लिए सरकार मेक इन इंडिया पर दांव लगा रही है। कंपनी विदेशी उपकरणों पर निर्भर रहने के बजाय स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर रही है। वर्तमान में BSNL का ध्यान अपने 4G नेटवर्क को स्थिर बनाने पर है, जिसके बाद तेजी से 5G सेवाओं की ओर कदम बढ़ाए जाएंगे। यह प्रयास भारत को भविष्य में टेलीकॉम उपकरण बनाने वाले अग्रणी देशों की कतार में खड़ा करेगा।
3.22 लाख करोड़ का रिवाइवल पैकेज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, सरकार ने BSNL के पुनरुद्धार के लिए कुल 3.22 लाख करोड़ रुपये के तीन बड़े पैकेज जारी किए हैं। इस राशि का उपयोग स्पेक्ट्रम आवंटन, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और कंपनी की वित्तीय सेहत सुधारने में किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि भारी निवेश के कारण BSNL अब धीरे-धीरे घाटे से बाहर निकलकर पटरी पर लौट रही है।
तेजी से बढ़ रहा नेटवर्क और ग्राहकों का भरोसा BSNL के प्रदर्शन में सुधार अब आंकड़ों में भी दिखने लगा है। कंपनी के ग्राहकों का आधार 8.55 करोड़ से बढ़कर 9.27 करोड़ के पार पहुंच गया है। फरवरी 2026 तक देश भर में 97 हजार से अधिक 4G साइट्स स्थापित की जा चुकी हैं। साथ ही, भारतनेट कार्यक्रम के तहत गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचाने के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, ताकि देश की डिजिटल कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
BSNL के privatisation का कोई प्रश्न ही नहीं उठता... BSNL भारत की जनता का है, भारत की जनता के लिए है। pic.twitter.com/jd5aCGuhqx
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) March 18, 2026
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