राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़े आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन के तहत सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिसमें अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक का पकड़ा जाना सबसे चौंकाने वाला है। इन सभी आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया है।
कौन है मैथ्यू वैनडाइक? 46 वर्षीय वैनडाइक खुद को डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और पूर्व पत्रकार बताता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान एक भाड़े के सैनिक (mercenary) की रही है। वह लीबिया से लेकर सीरिया, इराक, यूक्रेन और वेनेजुएला तक कई संघर्षों में सक्रिय रहा है। उसने संस ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI) नामक संगठन बनाया है, जिसका दावा है कि वह दुनिया भर में अधिनायकवादी सरकारों के खिलाफ लड़ते हैं।
भारत को दहलाने की साजिश NIA की FIR के अनुसार, यह मामला सीधे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। वैनडाइक और उसके 6 यूक्रेनी साथी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। बिना जरूरी अनुमति (RAP और ILP) के ये सभी मिजोरम पहुंचे और म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र संगठनों (EAGs) के संपर्क में आए।
इन समूहों के संबंध भारत के पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी गुटों से हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क यूरोप से भारी मात्रा में ड्रोन भारत के रास्ते म्यांमार भेज रहा था। इनका उद्देश्य म्यांमार में विद्रोही समूहों को ड्रोन वॉरफेयर, असेंबली और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग देना था।
पूर्वोत्तर में अशांति का डर मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि विदेशी भाड़े के सैनिक और पूर्व विशेष बलों के सदस्य म्यांमार में सैन्य सरकार के खिलाफ लड़ने के लिए मिजोरम के जरिए घुसपैठ कर रहे हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी आरोप लगाया था कि अमेरिका भारत से सटे इलाकों में अस्थिरता पैदा करना चाहता है।
क्या है असली एजेंडा? वैनडाइक का ट्रैक रिकॉर्ड विवादास्पद रहा है। उस पर हमेशा से सीआईए (CIA) से जुड़े होने के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि उसने इसे कभी स्वीकार नहीं किया। वह अक्सर अपनी पोस्ट में दुनिया भर में गुप्त सैन्य अभियानों के वित्तपोषण और योजना बनाने का दावा करता रहा है।
अब NIA यह पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भारत के भीतर कोई स्थानीय कनेक्शन तो नहीं है। जिस तरह से ड्रोन भारत के रास्ते म्यांमार भेजे गए, उसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस गिरफ्तारी के साथ भारत ने संदेश दे दिया है कि वह अपनी धरती पर किसी भी प्रॉक्सी वॉर या उग्रवादी प्रशिक्षण को बर्दाश्त नहीं करेगा।
*Delhi: NIA arrested seven foreign nationals, six Ukrainians and one American for allegedly providing terrorist training in Myanmar. They received 11-day custody for illegal entry, weapons and drone training, and importing drones from Europe pic.twitter.com/Sc8GGiSXvp
— IANS (@ians_india) March 16, 2026
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