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दूरियां न बनाएं, टूट जाते हैं रिश्ते फिर जो जुड़ते नही

ईश्वर हमें कई रिश्ते देता है | हालांकि एक लम्बे वक़्त तक पति-पत्नी के रिश्ते ही साथ रहते हैं , पर जीवन के अन्य रिश्ते भी आवश्यक होते हैं, जो हमें सहयोग और हौसला प्रदान करते हैं | और हम हैं कि हम एक वक्त बाद उन रिश्तों को इतना महत्व नहीं दे पाते | दरअसल रिश्ता एक पेड जैसा होता है , जतन से खाद पानी लगाकर पनपता है और फल देता है। मगर कभी-कभी हम रिश्तों को लेकर ओवर कान्फिडेन्ट हो जाते हैं , ये सोचते हैं कि अभी तो पूरी जिंदगी पड़ी है रिश्ते निभाने के लिए , और छोड देते हैं उन्हें वक्त और नियति के हाथों में ! ना अपनी तरफ से कोई कोशिश करते हैं उन पर ध्यान देने की , और न कभी जरुरत समझते हैं | ऐसे में रिश्ते कमजोर पडते जाते हैं ; और एक वक्त बाद बिना कहे ही ऐसी स्थिति आ जाती है जब रिश्ता बचता ही नहीं। मानो जैसे खोखला हो जाता है वो पेड। ऐसे में जरुरत होती है कुछ ऐसी बातों की, जिससे आप वो निष्प्राण रिश्ता फिर से जीवंत कर सकें, तो आइये जानते हैं क्या हैं वो बातें :-

1. परिवार के सदस्यों से संवाद बढ़ाएं :

कभी कभी हम पास रहते हुए भी अपनों से इतना दूर हो जाते हैं कि उनकी छोटी छोटी परेशानियां भी हमें नज़र आना बंद हो जाती हैं | इसलिए जरूरी है कि संवाद बढ़ाएं, उनसे उनकी जीवनचर्या करियर आदि विषयों पर बात करें , उन्हें ये एहसास कराएं कि वो आपके लिए बहुत महत्त्व रखते हैं |

2. हर मुद्दे पर उनकी राय लें :

चाहे काम छोटा हो या बड़ा हो आप अपने सम्बन्धियों से उनकी राय जरूर लें भले ही वे उपर्युक्त राय न दे पाएं मगर उन्हें ये एहसास तो बना रहेगा कि आप उन्हें भी अपने जीवन के फैसलों में महत्त्व देते हैं | आप उनसे राजनीतिक विषयों पर भी बात करें , इन विषयों पर लोग बहुत जल्दी खुल जाते हैं और पूरी गर्म जोशी से बात करते हैं , ये रिश्तों में एक नई ऊर्जा संचारित करता है |

3. समय समय पर गिफ्ट्स लाते रहें :

छोटे छोटे तोहफे रिश्तों में बड़ी बड़ी मोहब्बत भर देते हैं, तोहफे ही एहसास कराते हैं ख़ास होने का, इसलिए तोहफे देने की कोशिश करें | अगर आर्थिक स्थिति अच्छी भी न तो भी निराश न होयें कोई ऐसी चीज़ घर ले आएं जो घर के उपयोग की हो और बारी बारी से अलग अलग सबको बताएं इससे उन्हें लगेगा कि वो चीज़ ख़ास उनके लिए ही आई है

4. उनके साथ घूमने फिरने जाएँ :

परिवार के लोगों साथ पिकनिक आदि पर जाने का प्लान बनाएं, या किसी धार्मिक स्थल भी साथ जाया जा सकता है| इन मौकों पर परिवार के सदस्य पास आते हैं और सहयोग की भावना बढ़ती है | 5.दूरियों का एहसास न होने दें :- अगर आप घर से दूर रहते हैं तो समय समय पर बात करते रहें, अब तो वीडियो चैटिंग तक उपलब्ध है, ये टेक्नोलॉजी आपको अपनों के पास रहने में बहुत मदद करती हैं तो इनका प्रयोग कीजिये क्यों कि आपके रिश्ते बहुत कीमती हैं| इन्हें काम के बोझ से कमज़ोर न होने दीजिये |

5. मेल या चिट्ठियां लिखें :

फ़ोन कॉल पर बातें भले ज्यादा हो जाएँ मगर दिल की बातें लिखने से ही निकलती हैं | अगर दूर रहते हैं तो समय निकाल कर हफ्ते में एक बार जरूर मेल या चिट्ठी अपने घर भेजें | शब्दों की आत्मीयता हर दूरी को पिघला सकती है |

6. मिलने जुलने जाते रहें :

घर अगर दूर है तो भी कोशिश करें कि किसी ख़ास मौके के आलावा भी मिलने जुलने जाते रहें, ऐसे साथ की भावना बढ़ती है | और एक आशा जीवित रहती है जो फिर मिलने का भाव रखती है| ऐसे छोटे छोटे प्रयास ही आपके बड़े बड़े रिश्तों को बिखरने से बचा सकते हैं | इसलिए इंतज़ार न करिये, अपनों को अपनेपन का एहसास कराइये|

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