पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जारी हिंसा के बीच सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस के एक संयुक्त और गुप्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन UNLF(P) के ठिकानों से हथियारों का ऐसा जखीरा बरामद हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।
छापेमारी में बरामद हुआ घातक जखीरा सुरक्षा बलों ने इम्फाल वेस्ट के लामदेंग में स्थित उग्रवादियों के गुप्त कैंप पर धावा बोलकर कुल 67 अत्याधुनिक हथियार जब्त किए हैं। इसमें सिर्फ बंदूकें ही नहीं, बल्कि स्नाइपर राइफल, कार्बाइन, शॉटगन और मोर्टार जैसे भारी हथियार शामिल हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आतंकियों के पास से रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG-7) लॉन्चर और एंटी-ड्रोन जैमर भी मिले हैं।
कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन? ऑपरेशन की शुरुआत खुफिया जानकारी के आधार पर हुई, जब सुरक्षा बलों ने UNLF(P) के दो सदस्यों, हेइशनाम थॉमस और अरंबम टॉमटॉम को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उग्रवादियों के साथियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी, लेकिन जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो और हमलावरों, निंगथौजम राकेश और चिंगाखम महेश को जिंदा दबोच लिया। इन चारों से हुई पूछताछ ने हथियारों के पूरे अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
क्या यह डीप स्टेट की साजिश है? मणिपुर में स्नाइपर राइफल और एंटी-ड्रोन जैमर जैसे मिलिट्री-ग्रेड हथियारों का मिलना सामान्य घटना नहीं है। विशेषज्ञ इसे एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश के रूप में देख रहे हैं। यह स्पष्ट है कि इन हथियारों के पीछे भारी फंडिंग है, जो मणिपुर को गृहयुद्ध की आग में झोंकने की कोशिश कर रही है।
सीमा पार से हो रही सप्लाई? डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि म्यांमार में जारी अराजकता का फायदा उठाकर ड्रग्स और हथियारों के सिंडिकेट सक्रिय हैं। वे भारत विरोधी ताकतों के इशारे पर लगातार मणिपुर में हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं। एंटी-ड्रोन जैमर्स का मिलना यह भी संकेत देता है कि उग्रवादियों को अब तकनीकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि वे भारतीय सुरक्षा बलों के ऑपरेशन्स को नाकाम कर सकें।
इस बरामदगी ने यह साबित कर दिया है कि मणिपुर की वर्तमान अशांति सिर्फ आंतरिक टकराव नहीं है, बल्कि इसके तार सीमा पार बैठे उन सौदागरों से जुड़े हैं, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करना चाहते हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए उग्रवादियों से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी हैं।
मणिपुर में स्नाइपर, RPG, और एंटी-ड्रोन जैमर जैसे घातक हथियारों का पकड़ा जाना कोई सामान्य बात नहीं है। यह साफ इशारा है कि इसके पीछे डीप स्टेट की कितनी बड़ी फंडिंग है! pic.twitter.com/EKOy8VDKhr
— Mrityunjay Sharma (@MrityunjayS7) May 21, 2026
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