केरल में जन्मीं नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस के मेयर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस अमेरिकी शहर की कमान संभालने वाली न केवल पहली भारतीय-अमेरिकी महिला हैं, बल्कि पहली दक्षिण एशियाई मेयर भी हैं। उनकी इस जीत को वैश्विक स्तर पर भारतीय मूल के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
करेन बास ने हार स्वीकार की 3 नवंबर को हुए इस कड़े मुकाबले में नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बास को मात दी। शुरुआती रुझानों में करेन बास आगे थीं, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, नित्या ने बढ़त बना ली। अंतिम आंकड़ों के अनुसार, नित्या को 52.70% (4,60,772) वोट मिले, जबकि बास 47.30% (4,13,519) वोटों पर सिमट गईं। करेन बास ने अपनी हार स्वीकार करते हुए नित्या को बधाई दी और सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण का आश्वासन दिया।
6 साल की उम्र में अमेरिका गईं नित्या नित्या रमन का जन्म केरल में हुआ था और वह मात्र 6 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। शिक्षा की बात करें तो उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और बाद में प्रतिष्ठित एमआईटी (MIT) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेघर लोगों के मुद्दों पर काम करते हुए की थी और वह सेलाह नेबरहुड होमलेस कोएलिशन की सह-संस्थापक भी रही हैं।
शहर की बड़ी चुनौतियां होंगी प्राथमिकता नित्या के चुनावी अभियान का केंद्र बिंदु शहर की नागरिक समस्याएं रही हैं। मेयर के रूप में उनके सामने किफायती आवास, बेघर लोगों का पुनर्वास, सड़कों की मरम्मत और सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार जैसे बड़े लक्ष्य होंगे। 2020 में सिटी काउंसिल के सदस्य के रूप में अपनी धाक जमाने वाली नित्या अब अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर का भविष्य तय करेंगी।
शशि थरूर ने जताई खुशी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि अब अमेरिका के दो सबसे बड़े शहरों की कमान भारतीय मूल के लोगों (लॉस एंजिलिस में नित्या रमन और न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी) के हाथों में है। थरूर ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि शायद ये लोग भारत के कई मेयरों की तुलना में बेहतर काम कर पाएंगे, क्योंकि भारत में शहरी निकायों के पास संसाधनों और अधिकारों की कमी है।
Los Angeles, I am deeply honored to be your next mayor.
— Nithya Raman (@nithyavraman) November 5, 2026
I just spoke with Mayor Bass and expressed my deepest gratitude for her leadership and decades of service. Los Angeles would not be the city it is today without her.
I love this city. I believe in its people. The work… pic.twitter.com/rLNPyNafxt
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