वंदे भारत स्लीपर का जलवा: बेंगलुरु-मुंबई के बीच 6 घंटे की बचत, लेकिन जेब पर भारी पड़ेगा सफर!
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बेंगलुरु और मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है। 2 नवंबर से नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने कमर्शियल परिचालन शुरू कर दिया है। यह ट्रेन इस ऐतिहासिक रूट को महज 16 घंटे 10 मिनट में पूरा कर रही है, जो मौजूदा ट्रेनों के मुकाबले करीब 6 घंटे कम है।

किराए में भारी उछाल
समय की बचत का सौदा थोड़ा महंगा साबित हो रहा है। इस ट्रेन का किराया अन्य प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में काफी ज्यादा है। थर्ड एसी (AC 3 Tier) के लिए यात्रियों को 2,810 रुपये, सेकंड एसी (AC 2 Tier) के लिए 3,630 रुपये और फर्स्ट एसी (AC 1 Tier) के लिए 4,450 रुपये चुकाने होंगे।

मौजूदा ट्रेनों से तुलना
तुलना करें तो इस रूट की अन्य प्रमुख ट्रेनों जैसे कोयंबटूर-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस के मुकाबले वंदे भारत स्लीपर का किराया 60% से 96% तक अधिक है। उदाहरण के लिए, अन्य ट्रेनों में थर्ड एसी का किराया 1,500 रुपये के आसपास है, जबकि वंदे भारत स्लीपर में यह 2,810 रुपये तक पहुंच गया है।

शानदार रिस्पॉन्स और वेटिंग लिस्ट
किराया ज्यादा होने के बावजूद यात्रियों में इसे लेकर भारी उत्साह है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रेन की सभी सीटें बुक हो चुकी हैं और आने वाले कई हफ्तों तक यात्रियों को वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ रहा है। साफ है कि जो यात्री समय को पैसे से ज्यादा अहमियत दे रहे हैं, उनके लिए यह पहली पसंद बनी हुई है।

अश्विनी वैष्णव का रुख
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का मानना है कि किराया इन ट्रेनों में मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं और तेज गति के अनुरूप है। उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया है कि रेलवे अलग-अलग यात्री वर्गों की जरूरतों को देखते हुए ट्रेनें संचालित करता है और किराया निर्धारण एक निरंतर प्रक्रिया है।

रूट और टाइमिंग
यह ट्रेन हफ्ते में छह दिन चलेगी। सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) बेंगलुरु से यह शाम 7.45 बजे रवाना होती है और अगले दिन सुबह 11.55 बजे मुंबई पहुंचती है। अपने सफर के दौरान यह अनंतपुर, गुंतकल, রায়चूर, कलबुर्गी, सोलापुर और पुणे जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और शैक्षिक केंद्रों पर रुकेगी।

क्या यह फैसला सही है?
यह ट्रेन उन लोगों के लिए वरदान है जो बेहद कम समय में एक महानगर से दूसरे महानगर पहुंचना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या आम यात्री लंबे समय तक इस महंगे विकल्प को चुनते हैं या फिर पुरानी ट्रेनों का रुख करते हैं। फिलहाल, वंदे भारत स्लीपर का आगाज हाई-स्पीड और हाई-कॉस्ट दोनों ही मोर्चों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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