जापोरिज्जिया में मानवीय त्रासदी दक्षिणी यूक्रेन का जापोरिज्जिया क्षेत्र एक बार फिर खून से लथपथ हो गया है। कोमिशुवाखा गांव में रूस द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों ने मानवीय सहायता की उम्मीद लेकर आए दर्जनों लोगों की जान ले ली है। इस हमले में अब तक 26 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 20 लोग अभी भी मलबे में लापता हैं।
दोहरे हमले से दहला इलाका हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रूस ने इसे दो चरणों में अंजाम दिया। पहले, स्कूल की इमारत को निशाना बनाया गया, जहां स्थानीय लोग राहत सामग्री और भोजन लेने के लिए जमा हुए थे। जब लोग जान बचाकर पास के आश्रय स्थल (शेल्टर) में पहुंचे, तो वहां भी एक और बड़ा हमला कर दिया गया। कुल 9 गाइडेड बम गिराए गए, जिससे पूरा इलाका श्मशान में तब्दील हो गया।
बचाव कर्मियों को भी बनाया निशाना इस हमले में केवल आम नागरिक ही नहीं मारे गए, बल्कि मदद के लिए पहुंचे सुरक्षा बल भी इसका शिकार हुए। मृतकों में दो बचावकर्मी और चार पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इतना ही नहीं, जब राहत बचाव कार्य चल रहा था, तब रूसी ड्रोन ने दोबारा हमला किया, जिससे घायलों को निकालने का काम बाधित हुआ और हताहतों की संख्या बढ़ गई।
जेलेंस्की का रूस पर गंभीर आरोप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे रूस की युद्धोन्मादी मानसिकता का सबूत बताया है। जेलेंस्की ने कहा कि एक तरफ जहां शांति की उम्मीद की जा रही थी, वहीं रूस ने जानबूझकर मानवीय राहत केंद्रों को निशाना बनाकर साफ कर दिया है कि उन्हें केवल खूनखराबा चाहिए।
मिसाइलों की कमी से बढ़ी चुनौती राष्ट्र के नाम संबोधन में जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि यूक्रेन इस समय रक्षात्मक मिसाइलों की भारी कमी से जूझ रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में रूस इन हमलों को और तेज कर सकता है। फिलहाल, मलबे के ढेर से अपनों की तलाश जारी है और अधिकारियों का मानना है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
🇺🇦 24 DEAD, 5 INJURED, AND AT LEAST 20 MISSING AFTER A RUSSIAN AIRSTRIKE ON KAMYSHEVAKHA, ZAPORIZHZHIA REGION.
— Olena Rohoza (@OlenaRohoza) November 2, 2026
According to reports, Russian aircraft struck a local school with guided aerial bombs while civilians were receiving humanitarian aid inside.
After the first strike,… pic.twitter.com/yiorIqIDdy
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