रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: खुली जीप में राहुल-प्रियंका और अखिलेश की एंट्री, वोट चोरी पर छिड़ा महासंग्राम
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का रामलीला मैदान 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) की ऐतिहासिक महारैली का गवाह बना। इस महा-प्रदर्शन के जरिए विपक्षी दलों ने अपनी एकजुटता का संदेश दिया और केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

खुली जीप में दिखे दिग्गज नेता

रैली का आकर्षण राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव की खुली जीप में एंट्री रही। तीनों नेताओं को एक साथ देख समर्थकों में भारी उत्साह दिखा। रामलीला मैदान लोगों से खचाखच भरा हुआ था, जिसमें ममता बनर्जी, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले और अभिषेक बनर्जी जैसे कई बड़े नाम शामिल हुए।

वोट चोरी और चुनाव आयोग पर निशाना

विपक्ष का मुख्य एजेंडा कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना था। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग की गई। कपिल सिब्बल ने कहा कि विपक्ष देश के सामने वोट चोरी का पूरा इतिहास रखेगा। इमरान प्रतापगढ़ी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी इस जनसमर्थन से घबरा गई है।

व्यापारियों के नुकसान पर राहुल का तंज

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि रैली में आने वाले लोगों को रोकने के लिए बीजेपी ने कनॉट प्लेस की दुकानें जबरदस्ती बंद करवाईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता था कि लोग दिल्ली के स्थानीय बाजारों से खरीदारी करें, लेकिन सत्ताधारी दल ने व्यापारियों का नुकसान किया है।

बीजेपी का पलटवार: 1984 के दंगों की याद दिलाई

विपक्ष के इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को चेतावनी दी कि भारत बनाना रिपब्लिक नहीं है जो आगजनी या सत्ता परिवर्तन का एजेंडा चला सके। उन्होंने 1 नवंबर की तारीख का जिक्र करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों पर कांग्रेस को घेरा और गांधी परिवार से माफी की मांग की।

दिल्ली में दो ध्रुवीय राजनीति

एक तरफ जहां इंडिया गठबंधन लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाल रहा था, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने भी 1984 के दंगों के पीड़ितों की याद में दिल्ली में ही अलग कार्यक्रम आयोजित किया। यह दिन दिल्ली की राजनीति में एक बड़े टकराव के रूप में दर्ज हो गया है, जहां एक ओर चुनाव आयोग के खिलाफ जन महाभियोग की मांग उठी, तो दूसरी ओर इतिहास के जख्मों के जरिए राजनीतिक स्कोर सेट करने की कोशिश हुई।

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