एक खाली कुर्सी और नेहरू की विरासत: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का नया प्रतीकात्मक दांव
News Image

नई दिल्ली: कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी अपने आंदोलन को अब इतिहास और प्रतीकों के जरिए एक नया धारदार मोड़ दे दिया है। हाल ही में हुई एक मॉक संसद में जन महाभियोग के दौरान एक खाली कुर्सी चर्चा का मुख्य विषय बन गई है।

नेहरू की कुर्सी का प्रतीकात्मक इस्तेमाल कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि जिस कुर्सी पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार बैठी थीं, वह कोई साधारण कुर्सी नहीं थी। यह वही कुर्सी है जिस पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बैठकर देश के महत्वपूर्ण फैसले लिया करते थे।

खेड़ा ने इसे लोकतांत्रिक ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए कहा कि उसी कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त पद के लिए अयोग्य घोषित किया। कांग्रेस ने इस खाली कुर्सी के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे नेहरू युग के मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं के पक्ष में खड़े हैं।

जनता ने नकारा, अब जाने की बारी पवन खेड़ा ने अपने तीखे तेवर जारी रखते हुए ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भारत की जनता ने चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली को पूरी तरह से नकार दिया है।

खेड़ा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब उनके (ज्ञानेश कुमार) पद पर बने रहने का समय समाप्त हो चुका है। कांग्रेस का यह कदम चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के उसके व्यापक चुनावी एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है।

विवाद का नया केंद्र: संवैधानिक संस्थाएं यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक कुर्सी तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस अब चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को सीधे चुनौती दे रही है। पार्टी इसे केवल एक अधिकारी के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के संरक्षण की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है।

नेहरू की विरासत को मौजूदा राजनीतिक टकराव के बीच लाकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपने आंदोलन को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक रंग दे दिया है। देखना यह होगा कि सरकार और चुनाव आयोग की ओर से इस प्रतीकात्मक हमले पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

IND vs NZ: आखिरी टी20 में न्यूजीलैंड का पलटवार, भारत ने 3-2 से जीती सीरीज

Story 1

इतिहास रचकर पाकिस्तान बना ट्राई सीरीज का चैंपियन, भारत के 24 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी

Story 1

# तुम्हारे वाले तीन जगह से टेढ़े हैं... , भगवान कृष्ण पर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से गरमाया विवाद

Story 1

साइबर अटैक और ड्रोन का काल बनेगा CISF का नया चक्रव्यूह: 1 नवंबर से 6 सुपर स्पेशलाइज्ड सेक्टर्स ने संभाला मोर्चा

Story 1

टी-20 फैंस को लंबा इंतजार: टीम इंडिया और श्रीलंका की भिड़ंत में अभी बाकी हैं 51 दिन

Story 1

ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे, 2024 चुनाव अवैध था : रामलीला मैदान में राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

Story 1

दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘महा-संग्राम’: इंडिया गठबंधन की आज बड़ी रैली, सुरक्षा का अभेद्य घेरा

Story 1

बांग्लादेश: वेतन वृद्धि की मांग पर उग्र हुए कपड़ा मजदूर, पुलिस चौकियों में लगाई आग

Story 1

कैप्सूल के बाद पत्नी से जबरदस्ती: ग्वालियर में महिला का खौफनाक वीडियो वायरल, पति पर लगाए गंभीर आरोप

Story 1

MLC चुनाव: क्या JDU को अपनों ने ही दिया धोखा? बीजेपी की नई चाल से एनडीए में खलबली