दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया ब्लॉक की एक विशाल महारैली आयोजित की गई। कांग्रेस समेत 20 विपक्षी दलों के जमावड़े ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध करार देकर सियासी भूचाल ला दिया है।
पिछले 25 दिनों में वोट चोरी के मुद्दे पर यह विपक्ष का सातवां बड़ा शक्ति प्रदर्शन था। मंच पर मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला जैसे शीर्ष नेता मौजूद रहे। आइए जानते हैं, राहुल गांधी के आक्रामक भाषण की 5 बड़ी बातें:
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपना पद छोड़ना होगा और वे जेल जाएंगे। राहुल ने इसे केवल वोट चोरी नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की आवाज दबाने का देशद्रोह करार दिया। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार की मदद के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन सकते थे।
विवाद की मुख्य जड़ वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव के दौरान करीब 13.5 करोड़ यानी 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम में गड़बड़ी और वोटर लिस्ट में इस बड़े स्तर पर छेड़छाड़ करके 2024 का जनादेश चुराया गया है, जिससे यह चुनाव अवैध हो जाता है।
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की यह लड़ाई व्यक्तिगत नफरत नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि मोदी-शाह और ज्ञानेश कुमार की तिकड़ी को संविधान के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्ता की ताकत कितनी भी क्यों न हो, कोई भी संविधान से बड़ा नहीं है और जनता के वोटों का एक-एक हिसाब कानूनी तरीके से लिया जाएगा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश की पूरी संपत्ति और संसाधनों को दो या तीन चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था को वापस सही पटरी पर लाने की पहली सीढ़ी ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाना है। उन्होंने युवाओं, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई देश को नफरत के दलदल से बाहर निकालने की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है, जबकि देश को मोहब्बत की जरूरत है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विपक्ष का यह आंदोलन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए हर उस नागरिक का है जो अपनी आवाज दबाए जाने से व्यथित है।
चुनाव आयोग का रुख क्या है? विपक्ष के गंभीर आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है। आयोग के अनुसार, इसका लक्ष्य मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाना है, न कि पात्र मतदाताओं को बाहर करना। हालांकि, विपक्षी दल इन तर्कों को खारिज करते हुए लगातार इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
#WATCH | INDIA bloc mega rally | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, I am telling you, poor Gyanesh Kumar cannot sleep at night. I feel bad that Gyanesh Kumar is scared and cannot sleep at night. But he has committed the biggest crime, trying to silence the voice and soul of… pic.twitter.com/0JY7o5IEdB
— ANI (@ANI) November 1, 2026
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