विजय सरकार के खिलाफ DMK का हल्ला बोल : 31 अक्टूबर को राज्यभर में सड़कों पर उतरेगी स्टालिन की पार्टी
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तमिलनाडु की राजनीति में पारा चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दल DMK ने सत्तारूढ़ TVK सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। DMK अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने 31 अक्टूबर को पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

यह प्रदर्शन DMK की महिला विंग द्वारा सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा। स्टालिन ने इसे सोई हुई सरकार को जगाने के लिए एक जरूरी कदम बताया है।

फिल्मी हीरोइज्म बनाम असल जिंदगी

स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें इस उम्मीद में चुना था कि उनका फिल्मी करिश्मा असल जिंदगी में भी दिखेगा, लेकिन लोग बुरी तरह निराश हैं।

स्टालिन का आरोप है कि मुख्यमंत्री जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, विजय ऐसे काम कर रहे हैं जैसे अभी भी शूटिंग कैरावैन में हों और मुख्यमंत्री के पद को 9 से 5 की डेस्क जॉब की तरह ट्रीट कर रहे हैं।

कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

DMK प्रमुख ने राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह फेल होने का दावा किया है। उन्होंने चेन्नई में दिनदहाड़े हत्याओं, बच्चों के खिलाफ अपराध और थेनी जेल से 17 कैदियों के फरार होने जैसी घटनाओं का जिक्र किया।

स्टालिन ने यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया कि हालिया 50 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं में सत्तारूढ़ TVK के पदाधिकारियों की संलिप्तता है। उन्होंने ड्रग सिंडिकेट के मामले में एक पदाधिकारी की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए पूछा कि क्या अवैध ड्रग मनी का इस्तेमाल पार्टी के चुनाव अभियान में किया गया था?

महंगाई और बिजली संकट पर घेराबंदी

अर्थव्यवस्था और बिजली क्षेत्र पर बोलते हुए स्टालिन ने सरकार को दिशाहीन बताया। चावल और प्याज जैसी दैनिक जरूरतों की वस्तुओं के बढ़ते दामों और 37 रुपये प्रति यूनिट की दर से महंगी बिजली खरीदने को लेकर उन्होंने सरकार की खिंचाई की।

सरकार द्वारा पिछले DMK शासन पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए स्टालिन ने कहा कि सत्तारूढ़ दल केवल बहाने बनाकर अपने कुप्रबंधन को छिपाने की कोशिश कर रहा है।

राजनीतिक प्रतिशोध और आगे की राह

चेन्नई एयरपोर्ट पर एक पूर्व DMK मंत्री की गिरफ्तारी को स्टालिन ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी इस कानूनी लड़ाई को कोर्ट में लड़ेगी।

स्टालिन ने याद दिलाया कि DMK का इतिहास संघर्षों से भरा है और पार्टी ने पहले भी MISA, TADA और POTA जैसे कठोर कानूनों का सामना किया है। अब देखना यह होगा कि 31 अक्टूबर का राज्यव्यापी आंदोलन सरकार की कार्यशैली पर कितना असर डालता है।

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