जमीन खरीदना एक निवेश है, लेकिन कई बार कागजात होने के बावजूद दूसरे व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा कर लेना मालिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है। यदि आपकी संक्रमणीय भूमिधरी जमीन पर किसी ने नाजायज कब्जा कर रखा है, तो उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 आपकी समस्या का समाधान करती है।
SDM कोर्ट में ऐसे दाखिल करें वाद अवैध कब्जे के खिलाफ केवल शिकायत करना पर्याप्त नहीं है। आपको संबंधित उपजिलाधिकारी (SDM) के न्यायालय में धारा 134 के तहत बेदखली का मुकदमा दायर करना होगा। इस प्रक्रिया में कब्जा करने वाले व्यक्ति के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित ग्राम पंचायत को भी पक्षकार बनाया जाना अनिवार्य है। वाद दाखिल करते समय भूमि के वार्षिक लगान के आधार पर निर्धारित कोर्ट फीस जमा करनी होती है।
जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य मुकदमे के दौरान मालिकाना हक साबित करने के लिए आपके पास खतौनी, नक्शा और अन्य राजस्व अभिलेखों का होना आवश्यक है। यदि आपने धारा 24 के तहत जमीन की पैमाइश करवाई है, तो वह रिपोर्ट भी बेहद मददगार साबित होगी। सुनवाई के दौरान लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की गवाही और रिपोर्ट को भी आधार माना जाता है।
जमीन के साथ हर्जाना भी वसूलें कानून केवल जमीन खाली कराने का ही नहीं, बल्कि हर्जाना पाने का भी अधिकार देता है। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 127 के तहत, आप अवैध कब्जे की अवधि के लिए हर्जाना मांग सकते हैं। इसकी गणना सर्किल रेट के आधार पर की जाती है, जिसमें कम से कम 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से हर्जाना जुड़ता है। अंतिम राशि का निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाता है।
डिक्री के बाद निष्पादन की प्रक्रिया कोर्ट से आपके हक में डिक्री (फैसला) आने का मतलब यह नहीं है कि कब्जा तुरंत मिल जाएगा। इसके लिए आपको न्यायालय में डिक्री के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू करवानी होगी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस बल की मदद से उक्त जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाता है।
अपील का भी है विकल्प यदि आप SDM कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कानून आपको अपील करने का अधिकार देता है। संहिता की धारा 207 के तहत, आप आदेश मिलने के 30 दिनों के भीतर मंडलायुक्त के न्यायालय में अपील दायर कर सकते हैं। कानूनी दांव-पेच से बचने के लिए विशेषज्ञ अधिवक्ता से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।
यदि आपकी संक्रमणीय भूमि पर अवैध कब्ज़ा है तो कृपया जनपद रामपुर के सम्बंधित उपजिलाधिकारी के न्यायालय धारा 134 अंतर्गत वाद दायर करें !! pic.twitter.com/JGVB9OFCL5
— DM Rampur (@RampurDm) October 28, 2026
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