शुभमन गिल ने माथे पर क्यों लगाई ये मिस्ट्री मशीन ? एथलीटों के बीच बढ़ रहा है इस तकनीक का क्रेज
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ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम के ट्रेनिंग सेशन में शुभमन गिल का एक नया अवतार चर्चा का विषय बन गया। गिल को अपनी कनपटी (temple) पर एक छोटा सा डिवाइस पहने देखा गया, जिसने खेल जगत में इस नई फिटनेस तकनीक को लेकर कौतूहल पैदा कर दिया है।

क्या है टेम्पल डिवाइस? यह डिवाइस जोमैटो के सह-संस्थापक दीपेंद्र गोयल की टीम द्वारा विकसित किया गया है। स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से इतर, यह गैजेट सीधे माथे के किनारे लगाया जाता है। इसका मुख्य काम हृदय गति या कदमों को गिनना नहीं, बल्कि दिमाग से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना है।

कैसे काम करती है ये तकनीक? यह डिवाइस ब्रेनफ्लो तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसमें लगे ऑप्टिकल सेंसर सेरेब्रल ब्लड फ्लो (मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह) और ऑक्सीजन के स्तर में हो रहे बदलावों को ट्रैक करते हैं। यह डिवाइस एंट्रॉपी स्कोर के जरिए यह बताता है कि व्यायाम, नींद और तनाव का खिलाड़ी के मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है।

सिर्फ गिल ही नहीं, सिंधु भी हैं इसकी फैन शुभमन गिल से पहले बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी इस डिवाइस को पहने नजर आ चुकी हैं। सिंधु ने अप्रैल में थॉमस और उबर कप के दौरान इसे इस्तेमाल किया था। बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में भी उन्हें इसे पहने देखा गया, जिससे साफ संकेत मिलता है कि एलीट एथलीट अपनी ट्रेनिंग में कॉग्निटिव लोड (मानसिक थकान) को मापने के लिए इस तकनीक का सहारा ले रहे हैं।

रिकवरी के नए मायने खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एलीट एथलीटों के लिए रिकवरी का मतलब केवल शारीरिक आराम नहीं, बल्कि मानसिक स्पष्टता भी है। यह डिवाइस यह समझने में मदद कर सकता है कि खिलाड़ी दबाव की स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया दे रहा है। हालांकि, डेवलपर्स ने स्पष्ट किया है कि यह एक वेलनेस और रिसर्च टूल है, न कि कोई मेडिकल डायग्नोसिस मशीन।

अभी तक शुभमन गिल या किसी अन्य खिलाड़ी ने आधिकारिक तौर पर नहीं बताया है कि इस डेटा का इस्तेमाल वे अपनी परफॉर्मेंस सुधारने के लिए कैसे कर रहे हैं, लेकिन खेल और तकनीक का यह मिलन आने वाले समय में ट्रेनिंग के तरीकों को पूरी तरह बदल सकता है।

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