केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और जाने-माने राजनीतिक अर्थशास्त्री पराकला प्रभाकर ने केंद्र सरकार की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 23 अक्टूबर को होने वाले एंटी-एसआईआर प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की है।
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन पीपल अगेंस्ट एसआईआर समूह द्वारा किया जा रहा है। प्रभाकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस आंदोलन को लोकतंत्र की बहाली के लिए जन-मार्च का नाम दिया है।
इस मार्च में प्रभाकर अकेले नहीं होंगे। वे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, अभिनेता प्रकाश राज, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और नेहा बोरा के साथ एक ही मंच साझा करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत, महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी और जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष के भी शामिल होने की संभावना है। वहीं, इंडिया गठबंधन की पार्टियों को भी इस मार्च का हिस्सा बनने के लिए न्योता दिया गया है।
पराकला प्रभाकर ने एसआईआर प्रक्रिया को देश के लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया भारत में नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित कर रही है।
प्रभाकर का तर्क है कि इस प्रक्रिया के जरिए समाज में दो वर्ग बनाए जा रहे हैं—एक वे जिनके पास वोट देने का अधिकार है और दूसरे वे जिन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने इसे रवांडा और जर्मनी जैसे देशों में हुई ऐतिहासिक प्रताड़ना के उदाहरणों से जोड़कर तीखी आलोचना की है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी जोर-शोर से उठाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मौजूदा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार लाना है।
हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद उन्होंने भी ज्ञानू मस्ट गो का नारा बुलंद किया है। अदालत ने शर्तों के साथ उन्हें रिहा किया है, जिसके बाद से प्रदर्शन को लेकर सरगर्मी और तेज हो गई है।
Har gali me Jantar Mantar !
— Parakala Prabhakar (@parakala) October 21, 2026
Friday, 23 October, 2026
People’s March to Restore Democracy
Let’s Rise to the Challenge pic.twitter.com/JFq3tzujsS
जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन: सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, कोर्ट ने दी यह सख्त हिदायत
राजस्थान पंचायत चुनाव: पहले चरण में मतदान की रफ्तार धीमी, सुरक्षा के कड़े पहरे में वोटिंग
फ्रांस में भड़का भारी उपद्रव: भारतीय दूतावास ने जारी की सख्त एडवाइजरी, पेरिस जाने वाले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
10 साल पहले ही हो गई थी रामायण की भविष्यवाणी! ए.आर. रहमान के खुलासे से हैरान फैंस
दिल्ली एयरपोर्ट पर पंजाब के CM भगवंत मान को 3 घंटे रोका, 50,000 का जुर्माना; AAP ने केंद्र पर साधा निशाना
जियो की क्रांति: कैसे सस्ते इंटरनेट ने बदल दी भारतीय शेयर बाजार की तस्वीर
दिल्ली: त्रिपुरा के युवक से नस्लीय बदतमीजी, इन्फ्लुएंसर आमिर शौकीन पर FIR; रिजिजू बोले- कड़ा सबक सिखाएंगे
साड़ी में लेडी सिंघम : हाथ में AK-47 और दनादन फायरिंग, वायरल वीडियो पर छिड़ी बहस
रील बनाने की सनक में डूबे माता-पिता, लहरों में फंसी मासूम बच्ची; अजनबी ने बचाई जान
रील के चक्कर में मौत से भिड़ी मासूम: माता-पिता कैमरे में खोए, लहरों ने दबोची बच्ची